अदभुत परंपरा/ उत्तराखंड के इन गांवों में नहीं मनाई जाती है होली

डॉ. गोपाल नारसन देवभूमि उत्तराखंड में यूं तो होली का रंग खूब जमता है।यहां की प्रसिद्ध बैठी होली बसंत पंचमी के बाद से ही मनानी

भगवान श्री नरसिंह का अवतरण स्थल है पूर्णिया, बनमनखी के धरहरा से प्रारंभ हुई थी होली

संजय कुमार सुमन होलिका दहन को लेकर मान्यता है कि इसकी शुरुआत सबसे पहले बिहार के पूर्णिया जिले में हुई थी। जिले के बनमनखी के

महाराष्ट्र वक्फ पर भ्रष्टाचार के आरोप, बोर्ड अधिनियम में बदलाव को लेकर फिर बहस तेज

गौतम चौधरी हाल ही में महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड की मुंबई के मिनारा मस्जिद के लिए नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की गयी। इस नियुक्ति के बाद

रमजान और महाकुंभ में धर्म और इंसानियत की एकजुटता का एक खास उदाहरण

खास रपट नयी दिल्ली/ जहां एक ओर सोशल मीडिया से लेकर आम जीवन तक में सांप्रदायिक जहर फैलाया जा रहा है, वहां कुछ मन को

पसमांदा मुसलमानों ने अपनी पहचान के लिए दिल्ली में किया बड़ा आयोजन

जनलेख डायरी अभी कुछ ही दिन पहले की बात है। पसमांदा समाज यानी पिछड़े मुसलमनों के एक संगठन, पसमांदा विकास फाउंडेशन ने एक कार्यक्रम का

आपसी विश्वास को मजबूत बनाएगा इंटरफेथ संवाद, इससे कट्टरता पर भी लगेगा अंकुश 

गौतम चौधरी  भारत में कट्टरपंथीकरण और चरमपंथी विचारधाराओं की बढ़ती चुनौती सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है। हालांकि कट्टरपंथ की

महाकुंभ का जल नहाने लायक नहीं, CPCB की रिपोर्ट में खुलासा

प्रयागराज/ महाकुंभ में नहाने लायक नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान गंगा और यमुना नदियों में

प्रयागराज महाकुंभ को साम्प्रदायिक नहीं समावेशी सांस्कृतिक दृष्टि से देखिए 

गौतम चौधरी  विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक समागम, महाकुंभ मेला, आध्यात्मिकता, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का शानदार उत्सव है। यह आयोजन, जो पवित्र गंगा यमुना

वक्फ प्रबंधन में पसमांदा मुसलमानों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए

डॉ. ताहिरा खान अभी हाल ही में पिछले महीने के 30 तारीख को संयुक्त संसदीय समीति (जेपीसी) ने वक्फ बोर्ड से संबंधित विधेयक की रिपोर्ट

बात धर्म के मर्म को समझिए, पूण्य के फेर में जान मत गमाइए

अंबुज कुमार यदि अध्यात्म की बात की जाए तो गोस्वामी तुलसीदास ने भी कहा है, ‘‘कलियुग केवल नाम आधारा,,, सुमिरि सुमिरि जन उतरे पारा।’’ अर्थात,

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