डॉ. नवमीत अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के सर्वाेच्च धार्मिक नेता अली खामेनेई की मौत हो गई है। पिछले काफी समय से ईरान पर अमेरिकी-इजराइली आक्रमण
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Should This War Be Seen as the Script of the Decline of American Imperialism?
By Gautam Chaudhary Since the end of the World War II, the United States has played a central role in the politics, security architecture, and
तो क्या इस युद्ध को अमेरिकी साम्राज्यवाद के पतन की पटकथा मान लेनी चाहिए?
गौतम चौधरी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका ने मध्य पूर्व की राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था और ऊर्जा भू-राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाई
अमेरिका-इज़राइल बनाम ईरान : तनाव और संभावित युद्ध का भविष्य
गौतम चौधरी पश्चिम एशिया की राजनीति लंबे समय से प्रतिस्पर्धा, अविश्वास और सामरिक टकराव से प्रभावित रही है। हाल के वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका,
सह-अस्तित्व का विरोधाभास : होली के उत्सव और मध्य पूर्व के संघर्ष का तुलनात्मक विश्लेषण
डॉ. वीरेन्द्र बांगरू जैसे-जैसे रंगों का उत्सव होली निकट आता है, दुनिया एक बार फिर जीवन के उत्सव और संघर्ष की कठोर वास्तविकता के बीच
ध्रुवीकृत विश्व में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता : संतुलित कूटनीति का व्यावहारिक मॉडल
रजनी राणा आज के बढ़ते ध्रुवीकृत वैश्विक परिदृश्य में, जहाँ महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज होती जा रही है, भारत ने अपनी विदेश नीति के
रहस्य रोमांच/ एक भूत ने अपनी हत्या की खुद गवाही दी
गौतम चौधरी हमारे यहां न जाने कब से भूतहा कहानियां कही और सुनी जाती रही है। इन कहानियों में रोमांच होता है। कहानियां डरावनी होती
रहस्य-रोमांच/ मृतका ने अपने पूर्वजन्म की कथा सुनायी, हत्या का मामला हुआ उजागर
गौतम चौधरी हमारे यहां भूतहा कहानियां कही और सुनी जाती रही है। उन कहानियों में रोमांच होता है। कहानियां डरावनी होती है और रोचकता से
PM मोदी की हालिया इज़राइल यात्रा भारत की कूटनीतिक संतुलन, निरंतरता एवं आत्मविश्वास का परिचायक
गौतम चौधरी विगत दिनों 25 व 26 फ़रवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय आधिकारिक इज़राइल यात्रा, जो 2017 की ऐतिहासिक यात्रा के
वामपंथ/ ईरान : अमेरिकी साम्राज्यवाद व ख़ामेनेई की निरंकुश सत्ता, दोनों मेहनतकश अवाम के लिए खतरनाक
आनन्द ईरान आज गहरे राजनीतिक-आर्थिक संकट से गुजर रहा है। महँगाई, बेरोज़गारी, मुद्रा अवमूल्यन और सामाजिक दमन ने आम जनताकृविशेषकर मजदूरों, युवाओं और महिलाओंकृको असंतोष
