न वैराग्य और न भयंकर उपभोग, मध्यमार्ग का सर्वोत्तम ग्रंथ है ‘पवित्र कुरान’

गौतम चौधरी इस्लामिक मान्यता के आधार पर पवित्र कुरान अल्लाह द्वारा अवतरित मार्गदर्शन की अंतिम पुस्तक है। यह ग्रंथ न केवल आध्यात्मिक दिशा प्रदान करता

प्रेस की स्वतंत्रता पर आई खतरनाक रिपोर्ट, भारत में भी नकारात्मक असर की चर्चा

गौतम चौधरी दुनिया के बदलते लोकतांत्रिक परिदृश्य में एक और चिंताजनक संकेत सामने आया है। Reporters Without Borders (RSF) की 2026 की रिपोर्ट बताती है

भारतीय ज्ञान परंपरा के वाहक और ‘‘भामती’’ ग्रंथ के रचयिता, महान दार्शनिक वाचस्पति मिश्र

गौतम चौधरी भारतीय दर्शन की परंपरा में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनके जीवन और कृतित्व में ज्ञान, तप और मानवीय संवेदना का अद्भुत संगम दिखाई

मई दिवस : आज एक बार फिर से श्रम अधिकारों की विरासत को बचाने जरूरत है

गौतम चौधरी इतिहास में कुछ तिथियाँ ऐसी होती हैं, जो केवल स्मरण के लिए नहीं, बल्कि आत्मपरीक्षण के लिए लौटती हैं। 1 मई, मई दिवस,

क्या हम कृत्रिम मेधा के प्रयोग से उत्पन्न संकटों के लिए तैयार हैं?

डॉ. शैलेश शुक्ला मानव सभ्यता के इतिहास में तकनीकी क्रांतियों ने सदैव हमारे अस्तित्व की दिशा को बदला है किंतु वर्तमान में कृत्रिम मेधा यानी

ओरायन : तारामंडल से षड्यंत्र सिद्धांत तक, सच, मिथक और सोशल मीडिया का दुष्प्रचार

गौतम चौधरी आधुनिक समय में सोशल मीडिया ने ज्ञान के प्रसार को जितना आसान बनाया है, उतना ही भ्रम फैलाने का रास्ता भी खोल दिया

व्यापार से साम्राज्य तक : ईस्ट इंडिया कंपनी के उत्थान और भारत के विघटन की कहानी

गौतम चौधरी सत्रहवीं शताब्दी में जब ईस्ट इंडिया कंपनी भारत के तटों पर पहुँची, तब वह किसी विजेता की मुद्रा में नहीं, बल्कि एक विनम्र

भारतीय संविधान की मूल भावना और वर्तमान ज़रूरतों के हिसाब से रोजगार की गारंटी दे सरकार

सरदूल सिंह भारत के संविधान की विशेषताएं जब पढ़ी और पढ़ाई जाती हैं तो उसमें दुनिया का सबसे विस्तृत, लिखित, लचीला और कठोर जिसमें मूल

जेरूसलम : इतिहास, मिथक, आस्था और राजनीति के बीच उलझा सच

रजनी राणा चौधरी जेरूसलम केवल एक शहर नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और राजनीतिक आकांक्षाओं का ऐसा संगम है, जिसने सदियों से मानव सभ्यता को प्रभावित

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