भारत : अंतर धार्मिक संवाद का देश, जहां समय-समय पर पांथिक विमर्श भी जरूरी

गौतम चौधरी भारत जैसे देश में धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि लोगों की स्मृतियों, संस्कारों, त्योहारों, जीवन पद्धति और जीवन-दृष्टि का हिस्सा है। यहाँ एक

उग्रवाद व इस्लामोफोबिया जैसे दो-दो चुनौतियों का सामना कर रहे हैं मुसलमान, संवाद और सौहार्द ही इसका समाधान

गौतम चौधरी भारतीय मुस्लिम दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहा है। पहला तो आतंकवाद है, विशेषकर गैर-मुसलमानों को निशाना बनाने वाले हिंसक कृत्यों और उसके

सामाजिक और पांथिक सौहार्द के लिए जरूरी है अंतर-धार्मिक संवाद

गौतम चौधरी तेज़ी से बदल रही दुनिया में धार्मिक विविधता, हमारे जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बन गया है। हम देखते हैं कि लोग विभिन्न धर्मों

आपसी विश्वास को मजबूत बनाएगा इंटरफेथ संवाद, इससे कट्टरता पर भी लगेगा अंकुश 

गौतम चौधरी  भारत में कट्टरपंथीकरण और चरमपंथी विचारधाराओं की बढ़ती चुनौती सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है। हालांकि कट्टरपंथ की

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