सुभाष शिरढोनकर
7 अगस्त 2026 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को दर्शकों और समीक्षकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली। कारगिल युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित इस सीरीज में स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की पत्नी अलका आहूजा की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री अमृता बागची के अभिनय की विशेष रूप से सराहना हुई।
एक शोकाकुल पत्नी की भूमिका में अमृता ने जिस संयम, गरिमा और संवेदनशीलता के साथ अपने चरित्र को पर्दे पर उतारा, उसने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया। उनके अभिनय में असाधारण धैर्य, जीवटता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण की झलक दिखाई दी। यही वजह है कि अलका आहूजा के रूप में उन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।
अमृता बागची ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राफिक डिजाइनर और इलस्ट्रेटर के रूप में की थी। अभिनय के अलावा उनकी रुचि थिएटर, फिल्म निर्माण, चित्रण और संगीत में भी रही है। इस बहुआयामी रचनात्मक पृष्ठभूमि ने उनके कलात्मक व्यक्तित्व को एक अलग पहचान दी है।
अमृता को वर्ष 2015 में एपिक चैनल पर प्रसारित अनुराग बसु की 26 कड़ियों वाली सीरीज ‘स्टोरीज बाय रवींद्रनाथ टैगोर’ में काम करने का अवसर मिला। रवींद्रनाथ टैगोर की कहानियों पर आधारित इस सीरीज में उन्होंने मृणाल की भूमिका निभाई। मानवीय संबंधों, सामाजिक परिस्थितियों और भावनात्मक जटिलताओं को प्रस्तुत करने वाली इस सीरीज ने उन्हें अभिनय की दुनिया में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया।
इसके बाद अमृता बागची ने फिल्मों और वेब सीरीज की दुनिया में अपनी सक्रियता बनाए रखी। वह ‘द म्यूजिक टीचर’ (2019), ‘सिटी ऑफ ड्रीम्स’ (2019), ‘डस्ट’ (2019), ‘हसमुख’ (2020), ‘ताज महल 1989’ (2020) और ‘पोचर’ (2023) जैसी परियोजनाओं का हिस्सा रहीं। इसके अतिरिक्त उन्होंने कई गुजराती फिल्मों में भी काम किया।
फिल्म ‘फोबिया’ (2016) में जिया, ‘द म्यूजिक टीचर’ (2019) में ज्योत्स्ना रे और ‘शूबॉक्स’ (2021) में मम्पु के किरदारों के लिए भी अमृता के अभिनय की सराहना हुई। अलग-अलग तरह की भूमिकाओं को सहजता से निभाने की उनकी क्षमता उनके अभिनय की विशेषता रही है।
अमृता की रचनात्मकता केवल अभिनय तक सीमित नहीं है। उन्हें लेखन और निर्देशन में भी दिलचस्पी है। वर्ष 2024 की फिल्म ‘डू और डू प्यार’ के लिए उन्होंने पटकथा लेखन किया। इसके अलावा वह लघु फिल्म ‘सकुलेंट’ (2021) का लेखन और निर्देशन भी कर चुकी हैं। इस तरह अभिनय के साथ-साथ पर्दे के पीछे की रचनात्मक प्रक्रिया में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है।
हालांकि, ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की सफलता के बाद अमृता बागची अब अपना पूरा ध्यान अभिनय पर केंद्रित करना चाहती हैं। उनका कहना है कि अलका आहूजा के किरदार से उन्हें उम्मीदें जरूर थीं, लेकिन दर्शकों से इतनी जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिलेगी, इसकी उन्होंने कल्पना नहीं की थी।
अमृता के लिए इस भूमिका का अनुभव केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहा। किरदार की तैयारी के दौरान जब वह वास्तविक जीवन की अलका आहूजा से मिलीं, तो उनके व्यक्तित्व और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। अलका के जीवन में आए दुख के बावजूद उनके भीतर दिखाई देने वाला धैर्य और आत्मबल अमृता के लिए प्रेरणादायक रहा।
‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में अमृता बागची का अभिनय इस बात का उदाहरण है कि किसी संवेदनशील किरदार को प्रभावशाली बनाने के लिए केवल संवाद और भावनात्मक दृश्य पर्याप्त नहीं होते। उसके लिए चरित्र की आंतरिक दुनिया को समझना और उसकी संवेदनाओं को ईमानदारी से पर्दे पर प्रस्तुत करना भी जरूरी होता है। अलका आहूजा के रूप में अमृता ने इसी संवेदनशीलता का परिचय दिया है।
