गौतम चौधरी मानव सभ्यता का इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का क्रम नहीं है, बल्कि यह मिथकों, प्रतीकों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक जटिल ताना-बाना
Category: Festival & Religion
हज़रत ख़्वाजा ज़िया अल-दीन नख़्शबी : सूफ़ी परंपरा के एक महान संत और इस्लामिक तत्ववेत्ता
गौतम चौधरी मध्यकालीन भारतीय इतिहास के सांस्कृतिक व धार्मिक परिदृश्य में कुछ ऐसे व्यक्तित्व उभरते हैं, जिन्होंने सीमाओं, भाषाओं और परंपराओं को लाँघकर एक नए
SC का ऐतिहासिक निर्णय : आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में ग्राम सभा सर्वोच्च, धर्मांतरण किसी रूप में स्वीकार नहीं
गौतम चौधरी भारत की जनजातीय पहचान केवल सामाजिक ढांचे का हिस्सा नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक परंपरा है, जो प्रकृति, सामुदायिक जीवन और आध्यात्मिक मूल्यों
इस्लाम-पूर्व अरब की मूर्ति पूजा और अल्लाह के अलावा तीन देवियाँ
गौतम चौधरी ईरान बनाम इजरायल-अमेरिका युद्ध के बहाने हम थोड़ी चर्चा अरब के इतिहास पर कर लेते हैं। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इस्लाम
रहस्य रोमांच/ एक भूत ने अपनी हत्या की खुद गवाही दी
गौतम चौधरी हमारे यहां न जाने कब से भूतहा कहानियां कही और सुनी जाती रही है। इन कहानियों में रोमांच होता है। कहानियां डरावनी होती
रहस्य-रोमांच/ मृतका ने अपने पूर्वजन्म की कथा सुनायी, हत्या का मामला हुआ उजागर
गौतम चौधरी हमारे यहां भूतहा कहानियां कही और सुनी जाती रही है। उन कहानियों में रोमांच होता है। कहानियां डरावनी होती है और रोचकता से
रतनपुर वाली नानी की पंडुब्बा यानी जल छाया की कहानी
गौतम चौधरी हम उस पीढ़ी के हैं, जिसमें बचपन के दिनों में हमलोगों ने अनगिनत भूत-प्रेत की कहानियाँ सुनीं होगी। कभी दादी से तो कभी
Proper interpretation of the Holy Quran is necessary to avoid ideological violence
By Gautam Chaudhary If humanity is to be protected from imperialist conspiracies and ideological manipulation, it is essential to present an accurate and principled interpretation
‘मैं क्यों पढूं कुरान’, स्वधर्म रक्षा के प्रकाश स्तम्भ गुरु रविदास जी
राकेश सैन बीसवीं सदी के विचारक ओशो ने गुरु रविदास जी को बुद्ध पुरुषों रूपी तारों से भरे भारत के आकाश का ध्रुव तारा बताया
आस्था व विश्वास को यदि हथियार बना देंगे तो धर्म का क्या होगा?
गौतम चौधरी अभी हाल ही में बांग्लादेश में एक नए प्रकार के कथित लोकतंत्र समर्थित आन्दोलन में ऐसा बहुत कुछ हुआ जो समझ से पड़े
