सामाजिक सौहार्द और सहिष्णुता के दो उदाहरण, जो भारत में धार्मिक बहुसंख्यकवाद को नकारता है

कलीमुल्ला खान भारत विविध संस्कृति, धर्म और परंपराओं का देश है। सांप्रदायिक सद्भावना भारत की पहचान में से एक है। यह हमारे देश के सामाजिक

मोदी शासन में लगातार सशक्त हो रही मुस्लिम महिलाएं

डाॅ. रूबी खान स्वतंत्रता के बाद देश में कई सरकारें आई और गयी लेकिन मुस्लिम महिला के सशक्तिकरण मुद्दा कभी प्राथमिकताओं में नहीं रहा। वर्तमान

राष्ट्रीय आस्था का मापदंड धार्मिक या व्यक्तिगत पहचान नहीं हो सकता 

गौतम चौधरी अभी कुछ दिन पहले उत्तराखंड के दुर्गम इलाके में, एक ध्वस्त सुरंग में फंसे 41 निर्माण श्रमिकों को बचाने में जिस प्रकार देश

इस्लाम के मूल चिंतन में छुपा है पश्चिम एशिया की शांति, बस सार्थक पहल की जरूरत 

गौतम चौधरी  हमास और इजराइल के बीच लड़ाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। अभी हाल ही में इस युद्ध में प्रत्यक्ष रूप से ईरान

रामानंदी परम्परा को समझिए और राम की भक्तिधारा के प्रवाह को अवरुद्ध मत कीजिए

सुधीर राघव अभी हाल ही में राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्री रामलला विराजमान हुए। पक्ष व विपक्ष के कई विवादों के बीच जो भी

पर्यावरणीय पर ऑक्सफैम की रिपोर्ट भयावह, जिम्मेदार अभिजात्य वर्ग और मार झेलती मेहनतकश जनता

सार्थक आज मेहनतकश जनता के सामने पर्यावरणीय विनाश और जलवायु संकट एक ऐसा मुद्दा बन चुका है जिससे हम मुँह नहीं मोड़ सकते। चाहे गर्मियों

बिहार और झारखंड : विभाजन के पूर्व और पश्चात

अशोक कुमार झा यह बात 1990 से 2000 के बीच की है, जब झारखण्ड आंदोलन अपना चरम पर था और बिहार के तत्कालीन सभी राजनेताओं

तो क्या भगवान श्रीराम के ही वंशज हैं उरांव?

गौतम चौधरी  पूरी दुनिया में श्रीराम मंदिर के निर्माण को लेकर जबरजस्त उत्साह है। इधर देश से लेकर विदेश में भगवान श्रीराम से जुड़ी कई

बहुसंख्यक हिन्दू भारतीय मुस्लिम समाज की जटिलता को समझने की कोशिश करें 

गौतम चौधरी  बात अभी हाल फिलहाल की ही है। दरअसल, मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी परिसर में एक प्राध्यापक ने एक छात्र को 26/11 के कुख्यात

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