अत्यंत गंभीर है कृत्रिम मेधा के विकास में भारतीय भाषाओं के डाटा की कमी का मामला
डॉ. शैलेश शुक्ला इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में कृत्रिम मेधा या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विश्व की सबसे प्रभावशाली तकनीकों में से एक बन चुकी है।
अत्यंत गंभीर है कृत्रिम मेधा के विकास में भारतीय भाषाओं के डाटा की कमी का मामला
डॉ. शैलेश शुक्ला इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में कृत्रिम मेधा या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विश्व…
AI टीचर्स : शैक्षणिक जगत में क्रांतिकारी बदलाव की आहट
राजेश जैन कल्पना कीजिए, एक ऐसा शिक्षक जो कभी थकता नहीं, हर छात्र को उसकी…
जानकारी/ आर्टीजन कुआं, भूमिगत जल निकालने का एक पुराना तरीका
अयोध्या प्रसाद ’भारती‘ जमीन से पानी निकालने के कई तरीके प्रचलन में हैं। सबसे पहले…
धरती के ताप से उर्जा उत्पादन की नयी तकनीक हमारी सभ्यता को देगा नयी उंचाई
जयसिंह रावत केन्द्र शासित लद्दाख के बाद अब उत्तराखंड सरकार ने भी भूतापीय ऊर्जा के…
रहस्य-रोमांच/हमारी सभ्यता को विनष्ट करने आ रहे हैं एलियन, अब सफल होने वाली है स्टीफन हॉकिंग की भविष्यवाणी
रांची/नयी दिल्ली/ आने वाला समय मानव सभ्यता के लिए खतरनाक होने वाला है। यह कोई…
रहस्य-रोमांच/ AI ने अपनी भाषा विकसित कर ली तो उसकी रणनीति से दुनिया हो जाएगी तबाह
रांची/नयी दिल्ली/ AI के गॉडफादर कहे जाने वाले जेफ्री हिंटन ने चेतावनी दी है कि…

“विरासत” केवल आयोजन नहीं, विश्व मानवता को आपस में जोड़ने वाला संस्कृतिक संगम है : राजीव कुमार सिंह
गौतम चौधरी विगत दिनों देहरादून प्रवास के दौरान "रीच" के संस्थापक और "विरासत" नामक सांस्कृत आयोजन के प्रमुख संचालक राजीव कुमार सिंह (अपनों के बीच

