क्या हम कृत्रिम मेधा के प्रयोग से उत्पन्न संकटों के लिए तैयार हैं?

डॉ. शैलेश शुक्ला मानव सभ्यता के इतिहास में तकनीकी क्रांतियों ने सदैव हमारे अस्तित्व की दिशा को बदला है किंतु वर्तमान में कृत्रिम मेधा यानी

अत्यंत गंभीर है कृत्रिम मेधा के विकास में भारतीय भाषाओं के डाटा की कमी का मामला

डॉ. शैलेश शुक्ला इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में कृत्रिम मेधा या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विश्व की सबसे प्रभावशाली तकनीकों में से एक बन चुकी है।

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