भारत में अमीरी-ग़रीबी की लगातार बढ़ती खाई पूँजीवादी लूट-शोषण का नतीजा

सुखबिंदर पूरी दुनिया में आर्थिक असमानता लगातार बढ़ती जा रही है। एक तरफ़ अरबपतियों की संख्या बढ़ती जा रही है और दूसरी तरफ़ मज़दूर-मेहनतकश जनता

वामपंथ/ गुजरे वर्ष मेहनतकश मजदूरों के हालात की समीक्षा और शोषण उत्पीड़न के कीर्तिमान

मजदूर बिगुल के अद्यतन संपादकीय का संपादित अंश साल 2024 जहाँ पूँजीपति वर्ग के ढेरों मुनाफ़े कमाने का साल रहा, वहीं मज़दूर वर्ग और अन्य

वामपंथ/ भारतीय पूँजीवाद द्वारा पर्यावरण का दोहन हुआ तेज़

रणवीर इस साल जून में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने तीसरी दफ़ा अपना कार्यकाल शुरू किया, यह सब ऐसे समय में हुआ जब

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