तिरहुत : तर्क, तंत्र, लोकाचार और दैनिक आहार के बीच एक संतुलन की खोज

गौतम चौधरी तिरहुत की पहचान केवल एक भौगोलिक सीमा से नहीं है। यह एक ऐसी जीवंत बौद्धिक परंपरा का नाम है जहाँ विचार, आस्था और

इतिहास के आईने में बिहार और तिरहुत : सुगांव डायनेस्टी और विद्यापति

संजय ठाकुर पूर्वी चम्पारण जिला के सुगौली प्रखंड के सुगांव को दिल्ली के बादशाह गयासुद्दीन तुगलक (1320से1324) के कालखण्ड में तिरहुत की राजधानी होने का

तिरहुत की लोक-कथा/ जातीय सद्भाव : एक मल्लाह योद्धा ने बचाई ब्राह्मण कुमारी कन्या की लाज

गौतम चौधरी  तीरभुक्ति यानी तिरहुत के लोक जीवन में कमला नदी इस प्रकार रची-बसी है कि उसे आप सहजता से समझ सकते हैं। यह लोक

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