पिछले 24 घंटों की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का संक्षिप्त व विश्लेषणात्मक अवलोकन

पिछले 24 घंटों की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का संक्षिप्त व विश्लेषणात्मक अवलोकन

नयी दिल्ली/पटना/मुंबई/कोलकाता/रांची/
1/ भारत, आर्थिक मोर्चे पर राहत, लेकिन चुनौतियां बरकरार। जून माह में भारत का ’’ळैज् संग्रह लगभग 13.9 प्रतिशत बढ़कर 1.94 लाख करोड़ रुपये’’ तक पहुंच गया। इससे स्पष्ट है कि घरेलू आर्थिक गतिविधियां अभी भी मजबूत बनी हुई हैं।
2/ एक जुलाई से ’’व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर’’ के दामों में लगभग ₹183.50 की कमी की गई है। विमान ईंधन (।ज्थ्) भी सस्ता हुआ है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है।
3/ दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षणों के अनुसार ’’रुपये पर दबाव’’ बना रहने की संभावना जताई गई है। त्ठप् के हालिया कदमों के बावजूद डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर रह सकता है।

विश्लेषण

भारत की अर्थव्यवस्था में मांग और कर संग्रह मजबूत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वैश्विक मुद्रा बाजार और डॉलर की मजबूती अभी भी चिंता का विषय हैं।

संसद और राजनीति
4/ संसद का ’’मानसून सत्र लगभग 20 जुलाई से शुरू होने’’ की संभावना है।
राजनीतिक दलों ने आगामी सत्र के लिए महंगाई, बेरोजगारी, सुरक्षा और विभिन्न राज्यों के मुद्दों पर रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

विश्लेषण

आगामी संसद सत्र राजनीतिक रूप से काफी टकरावपूर्ण रहने की संभावना है।

कानून-व्यवस्था
5/ दिल्ली, महाराष्ट्र तथा अन्य राज्यों से हत्या, सड़क दुर्घटना और आपराधिक मामलों की कई बड़ी घटनाएं सामने आईं।
6/ पंजाब में अमरनाथ यात्रियों की सड़क दुर्घटना में कई श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई।

विश्लेषण

देश में कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा दोनों पर गंभीर प्रश्न बने हुए हैं।

वैश्विक परिदृश्य
7/ पश्चिम एशिया में तनाव कुछ कम होने के बाद कई एयरलाइंस ने उड़ानें बहाल करनी शुरू कर दी हैं, हालांकि सामान्य स्थिति अभी पूरी तरह नहीं लौटी है।
8/ ईरान से जुड़े घटनाक्रम पर अमेरिका की ओर से कूटनीतिक संकेत जारी हैं और क्षेत्रीय स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

विश्लेषण

युद्ध की आशंका पहले जितनी तीव्र नहीं दिख रही, लेकिन पश्चिम एशिया अभी भी वैश्विक ऊर्जा और कूटनीति का सबसे संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है।

विश्व अर्थव्यवस्था
9/ तेल की कीमतों में आई नरमी से वैश्विक बाजारों को राहत मिली।

10/ भारतीय शेयर बाजार ने दो दिनों की गिरावट के बाद सुधार दर्ज किया।

खेल

11/ ’’2026 फीफा विश्व कप’’ के नॉकआउट मुकाबले शुरू हो चुके हैं। आज अमेरिका-बोस्निया, इंग्लैंड-डीआर कांगो, बेल्जियम-सेनेगल और मेक्सिको-इक्वाडोर जैसे मुकाबले चर्चा में हैं।

  1. भारतीय अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत दिखाई दे रही है।
  2. रुपये और वैश्विक वित्तीय परिस्थितियां अभी भी चिंता का विषय हैं।
  3. पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से ऊर्जा बाजार को राहत मिली है।
  4. संसद का मानसून सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
  5. कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा देश के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है।
  6. विश्व कप फुटबॉल के कारण वैश्विक खेल जगत का केंद्र अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको बने हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »