सदन में दूसरी बार कृषि कानूनों के विरोध में लाए गए प्रस्ताव की बसपा ने आलोचना की

सदन में दूसरी बार कृषि कानूनों के विरोध में लाए गए प्रस्ताव की बसपा ने आलोचना की

चंडीगढ़/ पंजाब सरकार की ओर से विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में दूसरी बार प्रस्ताव पारित करने की पंजाब बसपा प्रधान जसबीर सिंह गढ़ी ने कड़े शब्दों में टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जब पंजाब सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में केंद्र के कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव पास किया था तो दूसरी बार फिर से कांग्रेस सरकार को इन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए प्रस्ताव पारित करने की क्या जरूरत है।

उन्होंने पंजाब सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि क्या पंजाब सरकार के पास संविधान में विशेष अधिकार प्राप्त कि दो बार प्रस्ताव पारित करने से केंद्र के कृषि कानून निरस्त हो जाएंगे। अगर दूसरी बार मता पास किया है तो कांग्रेस शासित दूसरे प्रदेशों में क्यों नहीं किया? गढ़ी ने कहा कि बसपा पार्टी पहले दिन से केंद्र के काले कृषि कानूनों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रही है।

स गढ़ी ने आगे कहा की वहीं पंजाब सरकार की ओर से अनुसूचित जाति वर्ग व पिछड़ों के लिए कुछ नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पौने पांच साल सिर्फ लोगों को धोखे में रखा और खाजाना खाली होने का रोना रोती रही, लेकिन चुनावों से पहले खजाना भरे होने की बात कह कर लोगों के साथ विश्ववासघात कर रही है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पंजाब के आम जनता को इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से गुमराह करने की कोशिश कर रही है।

बसपा नेता ने कहा कि पंजाब की जनता सबकुछ जानती है और कांग्रेस के बहकावे में नहीं आएगी। जसबीर सिंह गढ़ी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले नशे को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन सच्चाई सबके सामने है जब कांग्रेस से सरकार के 1775 दिनों में नशा खतम नही हुआ तो अब सरकार के बाकी 50दिनों में नशा कैसे खतम होगा।

जसबीर सिंह गढी ने कहा कि आगामी वर्ष होने वाले पंजाब विधानसभा के चुनावों के चलते कांग्रेस पार्टी नौंटकी कर लोगों को अपने झांसे में लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब जानती है और आगमी विधानसभा चुनावों में पंजाब में शिअद-बसपा गबबंधन की जीत होगी। उन्होंने कहा कि शिअद-बसपा गठबंधन सरकार प्रदेश के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम करेंगी और पंजाब के हितों के साथ किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करेगी।

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