गौतम चौधरी ‘‘बचपन में नेनुआ-फरकिया, खगड़िया आदि की कहानियां सुनने को मिलती थी। वो कहानियां बेहद रोचक और रोमांचकारी होती थी। कहानियां का कोई लिखित
Category: Festival & Religion
अल-वला वल-बरा : इस्लामी शिक्षा के आलोक में मुसलमानों की कुछ सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियाँ भी हैं
गौतम चौधरी अमूमन धार्मिक अवधारणाओं का मूल्यांकन केवल शाब्दिक अर्थ से किया जाता है और उसके व्यापक नैतिक व सामाजिक संदर्भों को नजरअंदाज कर दिया
गुरु पूर्णिमा : गुरु-शिष्य संबंधों का जागरण पर्व
डॉ. घनश्याम बादल तस्मै श्री गुरुवे नमः की भारतीय संस्कृति में यदि किसी संबंध को सर्वाधिक पवित्र और जीवन-निर्माणकारी माना गया है तो वह है
भारतीय मुस्लिम समाज : बहुलतावादी सांस्कृतिक स्वरूप, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र-निर्माण भागीदारी
गौतम चौधरी हाल ही में सहारनपुर के रहने वाले वरिष्ठ चिंतक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. असलम खान साहब ने एक व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने
पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन से ही वक़्फ़ की गरिमा और मर्यादा वापस आ पाएगी
गौतम चौधरी वक़्फ़ इस्लाम की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक संस्थाओं में से एक है। सदियों से मस्जिदें, कब्रिस्तान, मदरसे, अनाथालय, दरगाहें और अनेक धर्मार्थ संस्थान उन
‘‘हर ज़र्रा चमकता है अनवार-ए-इलाही से ….’’ : अकबर इलाहाबादी के एक शेर के बहाने इस्लाम और भारतीय दर्शन का तुलनात्मक अध्ययन
गौतम चौधरी “हर ज़र्रा चमकता है अनवार-ए-इलाही से,हर साँस ये कहती है, हम हैं तो ख़ुदा भी है।” उर्दू शायरी में ऐसे अनेक शेर मिलते
श्री रामलला मंदिर में चढ़ावा चोरी संघ साधना पर वज्राघात
डॉ. मत्स्येन्द्र प्रभाकर अयोध्या स्थित राम मन्दिर न केवल ऐतिहासिक बल्कि भारत की सनातन परम्परा एवं संस्कृति का अद्वितीय प्रतीक है। लगभग पाँच शताब्दी के
रामानुजाचार्य : विशिष्टाद्वैत के आचार्य और सामाजिक समरसता के अग्रदूत
#वृतांतों की #यात्रा : #संन्यास बड़ा या #गृहस्थ? अक्षपाद् गौतम भारतीय दार्शनिक परंपरा में आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य और मध्वाचार्य को वेदांत के तीन प्रमुख स्तंभ
तन्जीह बनाम तश्बीह : इस्लामी धर्मशास्त्र की दो व्याख्यात्मक परंपराएँ, इसे तसल्ली से समझना होगा
#वृतांतों_की_यात्रा/ #दरभंगा/ पार्ट 01/ #कांच की #चूड़ियां/ गौतम चौधरी ’‘लैसा कमिस्लिही शै‘उन’’: उसके समान कोई भी वस्तु नहीं है। (सूरह अश-शूरा 42ः11) इस्लाम की संपूर्ण
हिमलिंग से परे : कश्मीर के अमरनाथ में अमरेश्वर की पहचान
वीरेन्द्र बंगरू सनातन धर्म की दार्शनिक परंपरा में किसी देवता का नाम (नाम) मात्र एक संबोधन नहीं होता। वह आध्यात्मिक सत्य, पौराणिक स्मृति, भाषिक इतिहास
