बाबूलाल नागा कई स्थानों पर 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया मनाया जाएगा लेकिन 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया यानी आखा तीज मनाने की परंपरा है।
Category: Festival & Religion
पंजाब सरकार का श्री गुरूग्रंथ साहिब बेअदबी कानून भारतीय संविधान की मूल भावना के विरूद्ध
राकेश सैन गत सोमवार को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में ढाई घंटे की बहस के बाद ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन)
مدرسہ اور یونیورسٹیوں کا انضمام : روایت اور تجربے کا بہتر توازن
گوتم چودھری اتر پردیش میں مدرسہ تعلیم سے متعلق حالیہ پیش رفت ہندوستانی مسلم کمیونٹی کی تعلیمی اور سماجی سمت میں ایک اہم تبدیلی کا
जेरूसलम : इतिहास, मिथक, आस्था और राजनीति के बीच उलझा सच
रजनी राणा चौधरी जेरूसलम केवल एक शहर नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और राजनीतिक आकांक्षाओं का ऐसा संगम है, जिसने सदियों से मानव सभ्यता को प्रभावित
मदरसा और विश्वविद्यालयों का एकीकरण परंपरा व प्रयोग का बेहतर संतुलन
गौतम चौधरी उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षा को लेकर हाल के घटनाक्रम, भारतीय मुस्लिम समुदाय की शैक्षिक और सामाजिक दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का
अमेरिकी साम्राज्यवाद के केन्द्र में है ईसाई इवेंजेलिकल आंदोलन
गौतम चौधरी ईसाई धर्म को अक्सर एक एकरूप धार्मिक परंपरा के रूप में देखा जाता है, जबकि वास्तविकता इससे कहीं अधिक जटिल और भिन्न है।
प्रयागराज महाकुंभ : वायरल चेहरे की वास्तविकता के पीछे प्रचार कंपनियों की रणनीति तो नहीं
गौतम चौधरी महाकुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन केवल आस्था के केंद्र नहीं रहे, बल्कि अब वे सामाजिक, सांस्कृतिक और डिजिटल गतिविधियों के भी बड़े मंच
भगवान श्री राम के पूर्वज मिस्र से आए या कपोल कल्पना से भ्रम पैदा करने की कोशिश
गौतम चौधरी मानव सभ्यता का इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का क्रम नहीं है, बल्कि यह मिथकों, प्रतीकों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक जटिल ताना-बाना
हज़रत ख़्वाजा ज़िया अल-दीन नख़्शबी : सूफ़ी परंपरा के एक महान संत और इस्लामिक तत्ववेत्ता
गौतम चौधरी मध्यकालीन भारतीय इतिहास के सांस्कृतिक व धार्मिक परिदृश्य में कुछ ऐसे व्यक्तित्व उभरते हैं, जिन्होंने सीमाओं, भाषाओं और परंपराओं को लाँघकर एक नए
SC का ऐतिहासिक निर्णय : आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में ग्राम सभा सर्वोच्च, धर्मांतरण किसी रूप में स्वीकार नहीं
गौतम चौधरी भारत की जनजातीय पहचान केवल सामाजिक ढांचे का हिस्सा नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक परंपरा है, जो प्रकृति, सामुदायिक जीवन और आध्यात्मिक मूल्यों
