ज्योति जैन भारत की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध संस्कृति, ज्ञान परंपरा और ऐतिहासिक धरोहरों में है। सदियों पुरानी पांडुलिपियां,
Category: Festival & Religion
भारत : अंतर धार्मिक संवाद का देश, जहां समय-समय पर पांथिक विमर्श भी जरूरी
गौतम चौधरी भारत जैसे देश में धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि लोगों की स्मृतियों, संस्कारों, त्योहारों, जीवन पद्धति और जीवन-दृष्टि का हिस्सा है। यहाँ एक
“मिर्ज़ापुर भइल गुलज़ार …. ” – एक कजरी में छिपी सांस्कृतिक विरासत, विरह, गिरमिटिया संघर्ष और सभ्यता की उदासी
गौतम चौधरी भारतीय लोकजीवन में कुछ गीत ऐसे होते हैं जो केवल गाए नहीं जाते, बल्कि पीढ़ियों तक एक समाज की स्मृति बनकर जीवित रहते
इस्लाम में महिलाएं : कर्बला का जंग और ज़हरा व ज़ैनब की बेटियाँ
गौतम चौधरी दुनिया के हर समाज में महिलाओं की भूमिका पर बहस होती रही है, लेकिन मुस्लिम समाजों में यह बहस अक्सर दो वैचारिक चिंतनों
اسلام: دنیا کا پہلا مذہب جہاں خواتین کے حقوق کی مکمل دستاویز سازی ہوئی
گوتم چودھری عصری دنیا میں جب بھی خواتین کے حقوق، تعلیم یا سیاسی شراکت داری پر بحث ہوتی ہے، تو اکثر یہ تصور سامنے آتا
धधकती धूणी, तपते संत और बड़ा सवाल : क्या विकास का यही मॉडल है?
बाबूलाल नागा राजस्थान की तपती धरती पर इन दिनों एक ऐसी आग जल रही है, जो केवल धूणी की आग नहीं है। यह आग आस्था,
इस्लाम : दुनिया का पहला धर्म जहां महिलाओं के अधिकारों का मुकम्मल दस्तावेजीकरण हुआ
गौतम चौधरी समकालीन विश्व में जब भी महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा या राजनीतिक भागीदारी की चर्चा होती है, तो अक्सर यह धारणा सामने आती है
ट्रेंड बनाम सत्य : ब्राह्मण समाज पर बढ़ती कटुता और इतिहास की अनदेखी
अशोक कुमार झा आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया एक ऐसा मंच बन चुका है जहाँ विचारों की अभिव्यक्ति जितनी आसान हुई है, उतनी
न वैराग्य और न भयंकर उपभोग, मध्यमार्ग का सर्वोत्तम ग्रंथ है ‘पवित्र कुरान’
गौतम चौधरी इस्लामिक मान्यता के आधार पर पवित्र कुरान अल्लाह द्वारा अवतरित मार्गदर्शन की अंतिम पुस्तक है। यह ग्रंथ न केवल आध्यात्मिक दिशा प्रदान करता
वामन-बलि की मिथकीय कथा और वर्तमान वैश्विक शक्ति-संतुलन की विहंगम व्याख्या
गौतम चौधरी पौराणिक कथाएँ केवल आस्था की वस्तु नहीं होतीं, वे मानव स्वभाव, सत्ता और नैतिकता के गहरे प्रश्नों को प्रतीकात्मक रूप में सामने लाती
