कात्यायनी ‘जनसत्ता’ के सम्पादकीय पृष्ठ पर काफी पहले सुधांशु रंजन ने ‘महात्मा गाँधी बनाम चर्चिल’लेख में गाँधी के ब्रह्मचर्य प्रयोगों का प्रसंग उठाया था। लेखक
Category: History & Archeology
गांधी को राष्ट्रपिता कहने पर आज भी क्यों खड़े होते हैं विवाद?
गौतम चौधरी की खास रपट क्षमा करेंगे! यह आलेख पहले ही तैयार हो चुका था लेकिन समयाभाव के कारण इसे अपलोड नहीं कर पाया। एक
आखिर संताल वोटों के लिए मारामारी क्यों? क्या है संतालों की पॉलिटिक्स?
गौतम चौधरी एवं जनलेख टीम की खास रपट विधानसभा चुनाव की आहट से पहले संताल समुदाय झारखंड की राजनीति के केंद्र में है। यूपीए गठबंधन
साम्राज्यवादी शक्तियों के पैरोकार और नकारात्मक चिंतन के शिकार जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी सहजानंद
गौतम चौधरी जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी सहजानंद सरस्वती के बारे में कई प्रकार के विवाद प्रचलित हैं। दरअसल, इस विवाद पर लिखने की इच्छा तब हुई
भूली-बिसरी प्रेम कहानी/ एक ऐसी मुस्लिम शाहजादी जो बन गयी मंडलोई ब्राह्मणों की कुलदेवी
गौतम चौधरी कथा बहुत पुरानी नहीं है। एक तुर्क मुसलमान की शाहजादी ब्राह्मण सरदार पर आशक्त हो गयी थी। उसने उससे शादी भी कर ली
आधुनिक पूर्वी शैली के जनक महिनदर मिसिर
अनूप नारायण सिंह पटना से वैधा बोलाई द, अँगुरी में डसले बिया नगीनिया. नजरा गईनी गुईयां जैसे कालजयी भोजपुरी गीतों के रचयिता महेंद्र मिश्र की
वामपंथ/ तुर्क, मुगल और फिरंगी हुकूमरानों के दमन के खिलाफ आदिवासी महिलाओं की संघर्ष कथा
सोशल मीडिया से प्राप्त आदिवासी परंपराओं में एक फूलो-झानो मात्र नहीं हैं, उनके जैसी कई पुरखिन औरतें और वर्तमान समय में भी उनका निर्वाह करने
आज़ाद ने मज़दूर और ग़रीबों के जीवन को नज़दीक से देखा था
चन्द्रशेखर आज़ाद के जन्मदिवस (23 जुलाई) के अवसर पर महान युवा क्रान्तिकारी और हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के कमाण्डर चन्द्रशेखर आज़ाद का जीवन अन्याय, ज़ुल्म
इतिहासनामा/ संत कबीर : कहें कबीर एक राम जपहु रे, हिंदू तुरक न कोई
रज़ीउद्दीन अक़ील सामाजिक न्याय और सांप्रदायिक सौहार्द से जुड़े सवालों के सन्दर्भ में देखा जाए तो एक खुदा को मानने वाले (मुवहहिद) संत कबीर (मृत्यु
पटना की वो तवायफ जो मच्छरहट्टा के सतघरवा में रहती थी
अरुण सिंह अगली पुस्तक के लिए पटना की तवायफों पर काम करते हुए बी. छुट्टन नाम की एक बेमिसाल किरदार से सामना हुआ। वह 1875
