आस्था और साम्प्रदायिक सौहार्द के बीच संतुलन बिठाना है तो संविधान के प्रति अटूट श्रद्धा जरूरी

गौतम चौधरी भारत विविधताओं का देश है-यहाँ धर्म, भाषा, जाति और संस्कृतियों की असंख्य धाराएँ एक साथ प्रवाहित होती हैं। इस बहुलता को बनाए रखना

बाबरी मस्जिद का मामला सुलझाया जा चुका है, कृपया उस घाव को कुरेद सामाजिक सौहार्द न बिगाड़िए

गौतम चौधरी बाबरी मस्जिद मामला सुलझ चुका है। जिस स्थान पर मुगल आक्रांता बाबर के सेनापति मीर बाकी ने कथित तौर पर एक मस्जिद तामीर

उग्रवाद व इस्लामोफोबिया जैसे दो-दो चुनौतियों का सामना कर रहे हैं मुसलमान, संवाद और सौहार्द ही इसका समाधान

गौतम चौधरी भारतीय मुस्लिम दोहरी चुनौतियों का सामना कर रहा है। पहला तो आतंकवाद है, विशेषकर गैर-मुसलमानों को निशाना बनाने वाले हिंसक कृत्यों और उसके

सामाजिक और पांथिक सौहार्द के लिए जरूरी है अंतर-धार्मिक संवाद

गौतम चौधरी तेज़ी से बदल रही दुनिया में धार्मिक विविधता, हमारे जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बन गया है। हम देखते हैं कि लोग विभिन्न धर्मों

सड़कों पर नमाज पढ़ना सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक

गौतम चौधरी अभी हाल ही में सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर प्रशासन ने दिशा निर्देश जारी किया है। दरअसल,मेरठ पुलिस ने चेतावनी दी है

रमजान का पाक महीना केवल उपवास व प्रार्थना का ही नहीं साम्प्रदायिक सदभाव का भी अवसर प्रदान करता है

डॉ. रूबी खान इस्लाम में सबसे पवित्र महीना रमज़ान सिर्फ़ उपवास और प्रार्थना का समय नहीं है, बल्कि यह सांप्रदायिक सद्भाव, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और साझा

संविधान और सौहार्द पर किये जा रहे हमले चिंताजनक : CPI

लखनऊ/ महाकुंभ के कार्य- यापार से अल्पसंख्यकों को दूर रखने के राजनैतिक लाभ का आंकलन करने के बाद भाजपा, संघ परिवार और उसके सिपहसालारों ने

मुस्लिम बच्चियों ने महाकुंभ मेले को रंगा सद्भाव के रंग में

ओनिका माहेश्वरी भारत विविधता में एकता का देश है. जहां 144 साल बाद महाकुम्भ का आयोजन किया गया है. महाकुम्भ के पहले दिन पौष पूर्णिमा

Translate »