हिमालय पर कालिख और पिघलते ग्लेशियर

जयसिंह रावत वैश्विक मंचों पर जब भी जलवायु परिवर्तन की गंभीर चिंताएं जताई जाती हैं तो हमारा ध्यान अक्सर औद्योगिक देशों और ग्रीनहाउस गैसों के

हिमालय : विकास, पर्यावरण, पारिस्थितिकीय संतुलन और स्थानिय निवासियों का भविष्य

गौतम चौधरी हिमालय केवल एक पर्वत श्रृंखला नहीं है, बल्कि दक्षिण एशिया की जीवनरेखा है। भारत, नेपाल, भूटान, तिब्बत और पाकिस्तान तक फैला यह क्षेत्र

यदि आसन्न प्राकृतिक आपदाओं से बचना है तो पहाड़ को बचाना व संवारना जरूरी

डॉ. वेदप्रकाश पहाड़ परमात्मा द्वारा दिए गए सुंदर उपहार हैं। विकास के नाम पर अथवा लालचवृत्ति के कारण पहाड़ों को काट-काटकर खत्म किया जा रहा

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