जंतर-मंतर की घटना : लोकतंत्र में लाठी नहीं जवाबदेही बोलनी चाहिए

गौतम चौधरी लोकतंत्र की सबसे बड़ी पहचान यह नहीं कि उसमें चुनाव होते हैं, बल्कि यह है कि नागरिक बिना भय के अपनी असहमति व्यक्त

अभिजीत दीपके : सत्ता के खिलाफ उठ रहे आक्रोश के प्रतीक या फिर राजनीतिक सेफ्टी वाल्व?

गौतम चौधरी 6 जून को अभिजीत दीपके की भारत वापसी और दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनकी उपस्थिति को उनके समर्थकों ने एक ऐतिहासिक राजनीतिक क्षण

Translate »