समकालीन श्रम-संघर्ष और मार्क्सवाद व मुख्यधारा के कथित श्रम संगठनों की प्रासंगिकता

गौतम चौधरी औद्योगिक भारत के हालिया परिदृश्य, गुड़गाँव-मानेसर, फ़रीदाबाद और नोएडा जैसे क्षेत्रों में उभरते मज़दूर आंदोलनों ने एक बार फिर यह प्रश्न जीवित कर

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