भारत : 80 करोड़ को राशन और 200 करोड़ का ब्लाउज, विपरीत ध्रुवों के बीच खड़ा एक राष्ट्र

अक्षपाद् भारत एक विचित्र मोड़ पर खड़ा है। एक ओर वह विश्वगुरु बनने के सपने देख रहा है, चंद्रमा पर पहुंचने का गौरव गा रहा

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