बिहार की सियासत : विचारधारा, अवसरवाद और एक मास्टर स्ट्रोक की कहानी

अशोक कुमार झा बिहार की राजनीति एक बार फिर उस मोड़ पर खड़ी है, जहाँ घटनाएँ सिर्फ सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि वे

TCS नासिक प्रकरण : कॉरपोरेट जेहाद बनाम नैरेटिव की राजनीति

गौतम चौधरी महाराष्ट्र के नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) के एक कार्यालय से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों ने

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव : द्रविड़ सियासत का ‘लिटमस टेस्ट’ या नए युग का शुरुआत

ओ.पी. पाल तमिलनाडु की राजनीति को समझने के लिए अक्सर वहां की रैलियों का शोर और सिनेमाई सितारों का श्कट-आउटश् काफी माना जाता रहा है

भारतीय राजनीति का ‘नया भूगोल’: भारत में ‘नारी शक्ति’ का आधुनिक अध्याय

ओ.पी. पाल भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में 16 अप्रैल का दिन एक युगांतरकारी मोड़ साबित हो सकता है। केंद्र सरकार ने श्नारी शक्ति वंदन अधिनियमश् को

जेरूसलम : इतिहास, मिथक, आस्था और राजनीति के बीच उलझा सच

रजनी राणा चौधरी जेरूसलम केवल एक शहर नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और राजनीतिक आकांक्षाओं का ऐसा संगम है, जिसने सदियों से मानव सभ्यता को प्रभावित

भारत में वैकल्पिक राजनीति के सूत्रधार थे डॉ. लोहिया

कुमार कृष्णन राजनीति में आज भी एक सिद्धांत जीवित है और वह सिद्धांत है डॉ. राममनोहर लोहिया का समाजवाद का सिद्धांत। वे एक मौलिक चिंतक

अमेरिकी फंडिंग और भारतीय राजनीति : हित या हस्तक्षेप?

डॉ ब्रजेश कुमार मिश्र डोनाल्ड ट्रम्प ने 20 जनवरी को दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति की शपथ लेने के बाद ‘संयुक्त राज्य अमेरिका की विदेशी सहायता’

मतदाताओं को श्रिश्वतश् जैसी गारंटी की सियासत पर उठते सवालों का जवाब आखिर देगा कौन

कमलेश पांडेय पहले मतदाताओं को श्रिश्वतश् जैसी चुनावी गारंटी देने और फिर चुनाव जीत लेने के बाद उसे लागू नहीं करने की वादाखिलाफी एक ऐसा

आखिर संताल वोटों के लिए मारामारी क्यों? क्या है संतालों की पॉलिटिक्स?

गौतम चौधरी एवं जनलेख टीम की खास रपट विधानसभा चुनाव की आहट से पहले संताल समुदाय झारखंड की राजनीति के केंद्र में है। यूपीए गठबंधन

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