मेधा का पलायन और हमारा खोखला तंत्र, कागज़ी क़ानूनों और व्यवस्था की नाकामी के बीच दांव पर लगा युवाओं का भविष्य

मणिमाला शर्मा ब्लर्बरू ष्जब देश के मेधावी युवा नीट जैसी परीक्षा के अंतहीन घोटालों, अदालती अनिश्चितताओं और लचर परीक्षा तंत्र से तंग आकर बारहवीं पास

NEET विवाद : 22.7 लाख विद्यार्थियों का भविष्य और प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था पर गहराता भरोसे का संकट

गौतम चौधरी भारत में डॉक्टर बनना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि करोड़ों परिवारों के सपनों, संघर्षों और सामाजिक आकांक्षाओं का प्रतीक माना जाता है। एक

भारत में कौशल का संकट और ITI व्यवस्था  की सच्चाई 

गौतम चौधरी  भारत लंबे समय से अपनी युवा आबादी को “डेमोग्राफिक डिविडेंड” के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। यह दावा किया जाता है कि

भारतीय न्याय प्रणाली में यह कैसा युग प्रारंभ हो रहा है?

डॉ. मत्स्येन्द्र प्रभाकर ‘यशवन्त’ का अर्थ जिसे यश प्राप्त हो, या ‘महिमाशाली’ होता है किन्तु जस्टिस यशवन्त वर्मा के मामले में नाम के साथ श्यशश्

ऑनलाइन इस्लामिक उग्रवाद के विरुद्ध प्रौद्योगिकी और समुदाय-आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करे भारत

गौतम चौधरी उग्रवाद, आतंकवाद किसी के लिए ठीक नहीं है। यह किसी समस्या का समाधान भी नहीं कर सकता है। बल्कि इसके विपरीत हथियार के

सेहत की खबर : स्नायुमंडल के लिए खतरनाक है तनाव

अशोक गुप्त आज का युग चिंता का युग है। हमारे दिमाग को भगवान ने ऐसा बनाया है कि यह तुरन्त प्रतिक्रिया करता है। यदि कोई

नए न्याय संहिताओं में सबका हित, मुसलमानों को देश के तंत्र में विश्वास बनाए रखने की जरूरत

हसन जमालपुरी अभी हाल ही में देश की कानून संहिताओं में व्यापक बदलाव किया गया। सरकार ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता

वामपंथ/ हाथरस की धार्मिक सभा में भगदड़ से सवा सौ मौतें और संवेदनहीन सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था

डॉ. सुखदेव विगत 2 जुलाई 2024 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथरस के मुगलगड़ी गाँव में एक बड़ी धार्मिक सभा होती है। इस दिन अचानक

भारतीय कानून प्रणाली में नए बदलाव की सकारात्मकता को समझिए

हसन जमालपुरी भारतीय कानून प्रणाली में सुधार का संघर्ष निरंतर चल रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को न्याय पहुंचाना और कानूनी

बिहार की शिक्षा व्यवस्था में संवेदनहीनता से उपजे कई सवाल

अंबुज कुमार यदि भारत के जलवायु भूगोल का सामान्य अध्ययन भी किया जाए तो यह स्पष्ट होता है कि मार्च-अप्रैल से लेकर मई- जून तक

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