झारखंड में जन्मी वह अदाकारा, जिसने सोहरत के शिखर से जीवन की खुशियां बटोर ली

झारखंड में जन्मी वह अदाकारा, जिसने सोहरत के शिखर से जीवन की खुशियां बटोर ली

मीनाक्षी शेषाद्री का असली नाम शशिकला शेषाद्री है। उनका बचपन भारतीय शास्त्रीय कलाओं के छाांव में गुजरा। शेषाद्री भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी और ओडिसी, इन चार मुख्य नृत्य शैलियों में प्रवीण थी। 17 साल की उम्र में मीनाक्षी ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने उनकी जिंदगी का रास्ता हमेशा के लिए बदल गया। मीनाक्षी शेषाद्री 1981 में ‘मिस इंडिया’ का खिताव जीता। ये खिताब उन्हें सीधे सुर्खियों में ला दिया।

साल 1993 में सिनेमाघरों में एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई, जिसकी बदौलत मीनाक्षी शेषाद्री को बॉलीवुड का चमकता सितारा बना दिया। फिल्म थी ‘दामिनी’। फिल्म के एक दृश्य में जब दामिनी (मीनाक्षी) न्याय के लिए लड़ते-लड़ते थक जाती हैं और कोर्टरूम में जज के सामने खड़ी होकर अपनी हताशा को चीख में बदल देती है तो दर्शक हक्का-बक्का रह जाते हैं। उस एक सीन में मीनाक्षी ने जो आक्रोश, लाचारी और बेबाकी भरी थी, वह आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार सीन में गिना जाता है।

दामिनी के बाद मीनाक्षी की पहचान सिर्फ उनकी खूबसूरती या नृत्य कला से नहीं, बल्कि उनकी दमदार अभिनय क्षमता से होने लगी। फिल्म दामिनी एक ऐसा मील का पत्थर साबित हुई, जिसने उन्हें करियर की बुलंदियों पर पहुंचा दिया, लेकिन महज दो साल बाद उन्होंने एक चौंकाने वाला निर्णय लिया, जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हैरान कर दिया। उन्होंने अपने फिल्मी करियर को अलविदा कह दिया।

मीनाक्षी शेषाद्रि का असली नाम शशिकला शेषाद्री है। उनका जन्म 16 नवंबर 1963 को सिंदरी, बिहार (वर्तमान झारखंड) में हुआ था। मीनाक्षी का बचपन कला और संस्कृति के बीच बीता। वह एक निपुण शास्त्रीय नृत्यांगना थीं। सुभाष घई जैसे दूरदर्शी फिल्मकार की नजर उन पर पड़ गई। हालांकि मीनाक्षी की पहली फिल्म ‘पेंटर बाबू’ (1983) थी, जो कुछ खास नहीं चली, लेकिन उसी साल आई सुभाष घई की एपिक रोमांटिक ड्रामा ‘हीरो’ ने मीनाक्षी की किस्मत का ताला खोल दिया। जैकी श्रॉफ के साथ उनकी जोड़ी ने युवाओं के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। जहां जैकी ‘स्टार’ के रूप में उभरे, वहीं मीनाक्षी ने अपनी मासूमियत और नृत्य कला से लाखों दिलों पर राज किया। ‘हीरो’ की सफलता ने मीनाक्षी के लिए बड़े फिल्म निर्माताओं के दरवाजे खोल दिए।

अगले एक दशक तक, मीनाक्षी शेषाद्री ने उस दौर के हर बड़े सितारे के साथ काम किया। अमिताभ बच्चन के साथ शहंशाह, अनिल कपूर के साथ मेरी जंग, सनी देओल के साथ घायल और फिर कालजयी फिल्म दामिनी। मीनाक्षी की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि वह ग्लैमर और एक्टिंग के बीच शानदार संतुलन बनाए रखी। एक तरफ उन्होंने हीरो में अपनी खूबसूरती का जादू बिखेरा, तो दूसरी तरफ फिल्म घायल में भाभी की भूमिका बेहद सहजता से निभाया। उन्हें अपनी भूमिकाओं में नृत्य और भावनात्मक गहराई का सही मिश्रण करने के लिए जाना जाता था।

वर्ष 1995 तक उनका करियर आसमान छू रहा था। मीनाक्षी उस समय बॉलीवुड की सबसे ज्यादा डिमांड वाली अभिनेत्रियों में से एक थीं। फिल्म दामिनी के बाद उन्होंने एक निजी समारोह में इन्वेस्टमेंट बैंकर हरीश मैसूर से शादी कर ली। मीनाक्षी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें हमेशा से ही एक निजी और शांत जीवन पसंद था, जो शोहरत और स्टारडम के शोर से दूर हो। शादी के बाद उन्होंने न्यूयॉर्क में बसने का फैसला किया और भारतीय सिनेमा की दुनिया को अलविदा कह दिया।

आजकल मीनाक्षी शेषाद्री अमेरिका के टेक्सास में रहती हैं। उन्होंने वहां भारतीय शास्त्रीय नृत्यों के प्रचार-प्रसार के लिए अपना डांस स्कूल, ‘चार्म्स्डांस अकादमी’ शुरू किया। वह अब एक स्टार नहीं, बल्कि एक नृत्य शिक्षिका हैं, जो भारतीय संस्कृति की धरोहर नई पीढ़ी को सौंप रही हैं। बीते कुछ सालों में, उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के साथ थोड़ी बातचीत शुरू की है, जिससे उनके चाहने वालों को उनकी झलक मिल जाती है। दामिनी में न्याय के लिए आवाज उठाती दामिनी हो, या हीरो की राधा, मीनाक्षी शेषाद्री ने अपने हर किरदार में एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने सिखाया कि शिखर पर पहुंचना महत्वपूर्ण है, लेकिन शिखर से उतरकर अपनी खुशी की राह चुनना उससे भी बड़ी बहादुरी है।

साल 1995 में जब मीनाक्षी शेषाद्री ने हरीश मैसूर से शादी की थी तब वो अपने करियर के आखिरी दौर में थी। वो घातक की शूटिंग कंप्लीट करने में लगी थी। एक और फिल्म की शूटिंग उस वक्त मीनाक्षी शेषाद्री कर रही थी जिसे साइन करते वक्त उसका नाम था मिल गई मंज़िल मुझे। बाद में उस फिल्म का नाम दो राहें कर दिया गया था। मीनाक्षी शेषाद्री के बारे में तमाम वीडियोज़ व आर्टिकल्स इंटरनेट पर मौजूद हैं। आज भी मीनाक्षी शेषाद्री जी के कुछ फैंस मौजूद हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को ये बात पता होगी कि जिस वक्त मीनाक्षी शेषाद्री की शादी हुई थी उस वक्त वो एनसिएंट इंडियन कल्चर पर पोस्ट ग्रेजुएशन भी कर रही थी। शादी के वक्त उनके एग्ज़ाम्स भी चल रहे थे।

मीनाक्षी शेषाद्री के बारे में एक और बात भी है जिसे भी शायद बहुत कम लोग ही जानते होंगे। चूंकि मीनाक्षी शेषाद्री एक एक्ट्रेस थी और शादी के वक्त उनका करियर भी बढ़िया चल रहा था तो उन्हें इस बात का दुख था कि शादी के बाद उनका करियर खत्म हो जाएगा। वो और कुछ सालों तक फिल्मों में काम करना चाहती थी। इसलिए शादी के बाद मीनाक्षी शेषाद्री ने अपने पति हरीश मैसूर को इस बात के लिए राज़ी कर लिया था कि वो अमेरिका से इंडिया आ जाएं। इंडिया में ही कोई नौकरी करें। मीनाक्षी ने पति से कहा था कि उनका फिल्मी करियर बहुत अच्छा है और वो क्लाकिसकल डांस में भी अच्छी हैं लेकिन अमेरिका में ये चीज़ें उनके लिए किसी काम की नहीं रहेंगी।

पति हरीश मैसूर ने मीनाक्षी शेषाद्री का मन रखते हुए अमेरिका की अपनी नौकरी छोड़ी भी। भारत आकर वो एक एमएनसी में नौकरी करने लगे। कोई एक साल तक हरीश मैसूर ने तब भारत में ही जॉब की थी लेकिन जल्द ही मीनाक्षी शेषाद्री को अहसास हो गया कि उनके पति अपनी काबिलियत के हिसाब से भारत में नौकरी हासिल नहीं कर पा रहे हैं। वो एक इन्वैस्टमेंट बैंकर हैं। उनके लिए असली ऑपोर्च्यूनिटीज़ तो अमेरिका में हैं। मीनाक्षी शेषाद्री ने इस पर काफ़ी विचार किया और आखिरकार उन्होंने फैसला किया कि अब वो फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह देंगी। ताकि उनके पति अमेरिका में अपने स्तर की कोई नौकरी हासिल कर सकें। मीनाक्षी ने अपनी सारी प्रॉपर्टी बेच दी और पति संग अमेरिका शिफ्ट हो गई।

मीनाक्षी जी 61 साल की हो गई हैं। 16 नवंबर 1963 को झारखंड के सिंदरी में रहने वाले एक तमिल परिवार में मीनाक्षी शेषाद्री जी का जन्म हुआ था। आज एक पूरी जेनेरेशन इसी उम्र में पहुंच गई जिसने मीनाक्षी शेषाद्री को उनकी पहली सुपरहिट फिल्म हीरो में देखा होगा।

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