रांची/नयी दिल्ली/ अंतरराष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (IFJ) और उसका एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय संगठन फेडरेशन ऑफ एशिया-पैसिफिक जर्नलिस्ट्स (FAPaJ) हांगकांग के वरिष्ठ पत्रकार और हांगकांग जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (HKJA) के पूर्व अध्यक्ष रॉनसन चान के समर्थन में खड़े हो गए हैं।
दरअसल, एक मामले में 29 मई 2026 को अपील खारिज होने के बाद रॉनसन चान को पाँच दिन की जेल की सजा सुनाई गई। इस सजा के खिलाफ दुनियाभर के पत्रकार लामबंद होने लगे हैं।
चान को वर्ष 2022 में ‘पुलिस अधिकारी के कार्य में बाधा डालने’ के आरोप में दोषी ठहराया गया था। आरोप था कि उन्होंने रिपोर्टिंग के दौरान सादे कपड़ों में मौजूद पुलिस अधिकारी को अपना पहचान पत्र दिखाने से इनकार कर दिया था।
रॉनसन चान को 7 सितंबर 2022 को हांगकांग के मोंग कॉक स्थित मैकफर्सन स्टेडियम में एक गृहस्वामी समिति की बैठक की रिपोर्टिंग करते समय गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधिकारियों के साथ हुई कहासुनी के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था। इसे पत्रकारों पर हो रहे दमन के रूप में देखा जा रहा है।
22 सितंबर 2022 को उन पर आधिकारिक रूप से ‘पुलिस अधिकारी के कार्य में बाधा डालने’ का आरोप लगाया गया। उस समय चान ने पत्रकारों से कहा था कि उन्होंने केवल अपने अधिकारों का प्रयोग किया था और वे तब तक सहयोग करने के लिए बाध्य नहीं थे जब तक अधिकारी अपनी पहचान और अधिकारिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं करते।
इधर IFJ और FAPaJ ने अपने सहयोगी संगठन HKJA के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि हांगकांग में पत्रकारों को लगातार दमनात्मक कार्रवाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पत्रकार संगठनों के अनुसार पत्रकारों को शारीरिक एवं ऑनलाइन उत्पीड़न, पासपोर्ट जब्ती, कर ऑडिट, भारी कर मांग, आर्थिक दंड, जैसी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ा है। पत्रकार संगठनों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई सरकार के इशारे पर हो रहा है।
IFJ ने कहा कि वह लंबे समय से हांगकांग में पत्रकारों के उत्पीड़न, डराने-धमकाने, हिरासत में लिए जाने तथा मीडिया संस्थानों और नागरिक संगठनों को बंद कराने के प्रयासों का दस्तावेजीकरण करता रहा है।
इस मामले में FAPaJ की अध्यक्ष नानी अफरीदा ने कहा, ‘‘हम रॉनसन चान और हांगकांग के अपने पत्रकार साथियों को सलाम करते हैं। तमाम खतरों के बावजूद वे रिपोर्टिंग जारी रखे हुए हैं। हम उन पत्रकारों के साथ भी खड़े हैं जिन्हें रिपोर्टिंग छोड़ने के लिए मजबूर किया गया और जो अब अन्य माध्यमों या अन्य देशों से अपनी लड़ाई जारी रख रहे हैं। पत्रकार और ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता होने के नाते हम पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्वतंत्र प्रेस और सुरक्षित कार्य परिस्थितियों के लिए संघर्षरत रहेंगे। रॉनसन चान को रिहा किया जाए।’’
इस मामले में IFJ के महासचिव एंथनी बेलांजे ने कहा, ‘‘हम रॉनसन चान के खिलाफ की जा रही मनमानी कानूनी कार्रवाई और उत्पीड़न की कड़ी निंदा करते हैं। उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप तत्काल और बिना शर्त वापस लिए जाने चाहिए। उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और उन्हें जेल भेजने का कोई औचित्य नहीं है। हम उनकी तत्काल एवं बिना शर्त रिहाई की मांग करते हैं।’’
बता दें, अंतरराष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (IFJ) दुनिया का सबसे बड़ा पत्रकार संगठन है। इसकी स्थापना 1926 में हुई थी और वर्तमान में यह 140 से अधिक देशों में छह लाख से अधिक पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करता है।
