लहूलुहान लोकतंत्र : क्या नई सरकार बदलेगी बंगाल का हिंसक इतिहास?

ओ.पी.पाल पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा को प्रचंड बहुमत देकर एक बदलाव की उम्मीद जताई है लेकिन यदि यह बदलाव केवल श्चेहरोंश् का है

सवाल दलितों के स्वाभिमान का/ दलित दूल्हे घोड़ी पर बैठने के अधिकार से वंचित क्यों?

बाबूलाल नागा आधुनिक भारत में भी जातिगत भेदभाव की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा राजस्थान से आई ताजा घटना से लगाया जा सकता है।

गालवलकर के एकात्म सांस्कृतिक राष्ट्र की अवधारणा बनाम समावेशी राष्ट्र व भारतीय संविधान का संघीय ढ़ंचा

गौतम चौधरी भारत केवल एक राजनीतिक इकाई नहीं, बल्कि भाषा, संस्कृति, जातीय स्मृतियों और क्षेत्रीय अस्मिताओं का विराट संगम है। यही कारण है कि भारतीय

डॉ. कार्ल मार्क्स : ‘‘दुनिया में ऐसी कोई समस्या नहीं होती जिसका भौतिक समाधान मौजूद न हो’’

सरदूल सिंह 5 मई 1818 को जर्मनी के त्रियेर शहर में जन्मे डॉ. कार्ल मार्क्स एक ऐसे महान दार्शनिक सिद्ध हुए जिनके विचारों ने न

बंगाल में बदला सत्ता का इतिहास, कांग्रेस से वाम, वाम से तृणमूल और अब भाजपा

अशोक कुमार झा पश्चिम बंगाल की राजनीति ने एक बार फिर ऐतिहासिक करवट ली है। दशकों से चल रहा सत्ता परिवर्तन का सिलसिला 2026 में

बारिश का बदलता मिज़ाज : झारखंड के कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है वर्षा का वार्षिक औसत

गौतम चौधरी झारखंड, विशेषकर रांची में हाल के दिनों में हो रही लगातार बारिश ने एक स्वाभाविक जिज्ञासा को जन्म दिया है, क्या यह केवल

मॉस्को इंटरनेट शटडाउन : यूक्रेन गतिरोध का असर या रूस की सुरक्षा रणनीति?  

गौतम चौधरी  रूस की राजधानी मॉस्को में 5 मई को मोबाइल इंटरनेट सेवाओं का अचानक बंद किया जाना केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि बदलते

ट्रेंड बनाम सत्य : ब्राह्मण समाज पर बढ़ती कटुता और इतिहास की अनदेखी

अशोक कुमार झा आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया एक ऐसा मंच बन चुका है जहाँ विचारों की अभिव्यक्ति जितनी आसान हुई है, उतनी

राजनीतिक शोर थमते ही महंगाई की दस्तक शुरु

सौरभ वार्ष्णेय पांच राज्यों के चुनाव का राजनीतिक शोर थमते ही महंगाई ने फिर से देश में दस्तक दे दी। हालांकि ऐसा नहीं है कि

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