محمد اعجاز الرحمن شاہین قاسمی قرآن و سنت میں وقف (صدقہ جاریہ) کی اہمیت بہت زیادہ ہے۔ وقف کا مطلب ہے کسی چیز کو اللہ
Category: Festival & Religion
मुसलमान ही नहीं गैर मुसलमानों को भी हिजरत और जिहाद, तसल्ली से समझना होगा
गौतम चौधरी जिस प्रकार अरबी भाषा के बिदत शब्द को आज विवादस्पत बना दिया गया है उसी प्रकार कुछ स्वार्थी तत्वों ने इस्लाम के दो
पैर को देख कर भी जाना जा सकता है व्यक्ति का स्वभाव
एस. तालुकदार पैर हमारे शरीर के केवल अंग ही नहीं हैं बल्कि वे हमारे व्यक्तित्व और स्वभाव की जानकारी भी देते हैं। हमारे पैर शुभ-अशुभ
पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन मनाना बिदत है : इमाम शेख अली हुदैफी
नयी दिल्ली/ जिस वक्त भारत के कुछ रियासतों में पैगंबर ﷺ के आई लव मोहम्मद वाले पोस्टर और प्रदर्शन पर विवाद छिड़ा था ठी उसी
आधुनिक युग में बिदत को कट्टरवादी नहीं उदारवादी नजरिए से देखने की जरूरत है
गौतम चौधरी आधुनिक दुनिया का इस्लाम एक नए उहापोह से ग्रस्त है। अरब में उत्पन्न इस्लाम की नयी विचारधारा, या इसे ऐसा कहें कि इस्लाम
कुछ ऐसे स्थान भी हैं जहां नहीं मनाई जाती दिवाली, दशहरे पर रावण को जलाया भी नहीं जाता
चंद्र मोहन दिल्ली से 30-35 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश, ग्रेटर नॉएडा का एक गांव है बिसरख जलालपुर जहाँ के लोग दिवाली नहीं मनाते क्योंकि वे
رد عمل میں شدت پسندی فائدہ صرف سماج کے دشمنوں کو!
گوتم چودھری انسانی تاریخ کے اوراق پر نظر ڈالیں تو یہ سچائی سامنے آتی ہے کہ جب جب مذہب اور عقیدے کو لے کر حالات
امن کی حقیقی طاقت جدوجہد میں نہیں بلکہ امن میں ہے، محمد سے محبت ہے تو امن سے رہو
گوتم چودھری انسانی تاریخ اس بات کی گواہ ہے کہ وہ معاشرے جو امن، محبت، رواداری اور ہے بھائی چارے پر مبنی ہوتے ہیں، وہی
भारतीय मुस्लिम समाज में बढ़ रहे दहेज प्रथा के खिलाफ सामाजिक व धार्मिक आन्दोलन की जरूरत
गौतम चौधरी इन दिनों आधुनिक भारतीय मुस्लिम समाज में, हिन्दू समाज की कुछ पारंपरिक बुराइयां प्रवेश कर गयी है। इसके कारण मुस्लिम समाज का पारिवारिक
