गैर सरकारी संगठन (NGO) और क्रूर पूंजीवाद के गठजोड़ को समझना चाहिए

जेम्स पेत्रास एवं हेनरी वेल्तमेयर पूरे इतिहास में, मुट्ठीभर अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व करने वाले शासक वर्ग अपनी सत्ता, मुनाफे और विशेषाधिकारों की हिफाजत के लिए

चुनाव में बेअसर हुए देश की 25 हजार उपजातियों के ‘मान्जन’

डॉ. नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी  सियासत जातियों के इर्द-गिर्द घूमती रहती है। इसके महत्वपूर्ण माध्यम बिहार में श्मांजनश् तो दूसरे राज्यों में जातियों के मुखिया या

कांग्रेस इसी तहर टूटती-बिखरती रहेगी लेकिन खत्म कभी नहीं होगी

गौतम चौधरी  कांग्रेस टूटती-बिखरती रही है और आगे भी ऐसा ही होता रहेगा लेकिन खत्म नहीं होगी। उसकी कम सीटों पर हंसने वाली भारतीय जनता

एक माफिया का महिमामंडन भारत के समावेशी राष्ट्रवाद के लिए खतरनाक

राजेश कुमार पासी मुख्तार अंसारी की मौत के बाद जिस तरह से विपक्ष के कई नेताओं ने उसका गुणगान किया है और उसको एक मसीहा

मनोरंजन उद्योग/ इंटरनेट सेंसेशन उर्वशी रौतेला

सुभाष शिरढोनकर सनी देओल के अपोजिट फिल्म ‘सिंह साहब दी ग्रेट’ (2015) से हिंदी सिनेमा में कदम रखने वाली बेहद खूबसूरत एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला, 5

जलवायु परिवर्तन/ झारखंड के 12 जिलों में बढ़ेगा तापमान, हीट वेव को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट

रांची/पटना/नयी दिल्ली/ झारखंड के दक्षिणी पूर्वी जिलों में चार और पांच अप्रैल के बाद हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसा पहली बार

माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती/ ‘पुष्प की अभिलाषा’ और ‘अमर राष्ट्र’ के गायक थे माखनलाल चतुर्वेदी

मोहन मंगलम माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म 4 अप्रैल 1889 को होशंगाबाद जिले में बाबई नामक स्थान पर हुआ था। उनकी आरंभिक शिक्षा घर पर ही

‘फूल्स डे’ विशेष : मूर्ख दिवस के मजेदार किस्से

डॉ घनश्याम बादल यूं तो हर आदमी अपने आप को बुद्धिमान और सयाना कहलवाना पसंद करता है और यदि उसे कोई मूर्ख कह दे तो

शीतला अष्टमी पर विशेष : स्वच्छता का संदेश देती है माता

रमेश सर्राफ धमोरा हमारे देश में विविध पर्व-त्योहारों को मनाने के पीछे वैज्ञानिक सोच व तत्व-दर्शन निहित है। होली के एक सप्ताह बाद मनाये जाने

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