कोरोना महामारी : नकारात्मक खबरें तो बहुत पढ़ी, आइए सरकार के प्रयासों पर थोड़ी चर्चा करते हैं

पंकज सिंहा भारत सरकार पूरे देश में ‘‘सभी के लिए स्वास्थ्य‘‘ के लिए अथक प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में

विरोध के जनादेश को हल्के मत लीजिए, मोदी जी!

बलदेश शर्मा/शिमल क्या सरकार कोरोना के प्रबन्धन मेें असफल हो चुकी है? क्या लोगों ने कोरोना को गंभीरता से नहीं लिया है? इस समय इन

हमारे वर्तमान नेतृत्व में न तो सामूहिकता है न ही अनामिकता

गौतम चौधरी  ‘‘निंदक नियरे राखिए ऑंगन कुटी छवाय, बिन पानी साबुन बिना निर्मल करे सुभाय।’’ आलोचना लोकतंत्र का श्रृंगार है। खासकर नेतृत्व को इसे केवल नाकारात्मक

अंदाज-ए-मोदी:वैक्सीनेशन के दौरान प्रधानमंत्री ने नर्सों से कहा- नेता मोटी चमड़े वाले होते हैं, क्या उनके लिए कोई खास सुई है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जब कोरोना वैक्सीन लगवाने एम्स पहुंचे तो उन्होंने अपने अलग अंदाज के जरिए माहौल को हल्का करने की कोशिश की।

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