भारत दर्शन/पर्यटन/ गुजरात जाएं तो अहमदाबाद के एतिहासिक स्थल को देखना न भूलें

विनोद बब्बर गुजरात में प्रगति और समृद्धि का आगमन चालुक्य (सोलंकी) राजाओं के समय में हुआ। वैसे इस प्रदेश का इतिहास ईसा पूर्व लगभग 2

भारतीय अल्पसंख्यकों के हितों को CAA में रखा गया है पूरा ख्याल 

गौतम चौधरी  भारतीय नागरिकता (संशोधन) कानून पर 5 साल पहले ही मुहर लग गई थी। हालांकि, यह अब तक लागू नहीं हो पाया था। इसे

उत्तराखंड भाजपा के लिए गले की फांस बनती जा रही है UCC

जयसिंह रावत उत्तराखण्ड की धामी सरकार द्वारा खास कर लोकसभा चुनाव को लेकर तैयार की गयी समान नागरिक संहिता (यूसीसी) स्वयं भारतीय जनता पार्टी के

इतिहास के आईने में बिहार और तिरहुत : सुगांव डायनेस्टी और विद्यापति

संजय ठाकुर पूर्वी चम्पारण जिला के सुगौली प्रखंड के सुगांव को दिल्ली के बादशाह गयासुद्दीन तुगलक (1320से1324) के कालखण्ड में तिरहुत की राजधानी होने का

कानूनी सख्ती के बावजूद क्यों पनप रही है बाल-तस्करी

ललित गर्ग देश की राजधानी दिल्ली में तमाम जांच एजेंसियों की नाक के नीचे नवजात बच्चों की खरीद-फरोश्त की मंडी चल रही थी जहां दूधमुंहे

मनोरंजन उद्योग/ बॉलीवुड डेब्‍यू के लिए तैयार हैं उर्फी जावेद

सुभाष शिरढोनकर ‘बिग बॉस ओटीटी सीजन 1’ (2021) में नजर आ चुकीं उर्फी जावेद अपने यूनिक फैशन सेंस और सोशल मीडिया प्रेजेंस के लिए जानी जाती

गैर सरकारी संगठन (NGO) और क्रूर पूंजीवाद के गठजोड़ को समझना चाहिए

जेम्स पेत्रास एवं हेनरी वेल्तमेयर पूरे इतिहास में, मुट्ठीभर अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व करने वाले शासक वर्ग अपनी सत्ता, मुनाफे और विशेषाधिकारों की हिफाजत के लिए

चुनाव में बेअसर हुए देश की 25 हजार उपजातियों के ‘मान्जन’

डॉ. नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी  सियासत जातियों के इर्द-गिर्द घूमती रहती है। इसके महत्वपूर्ण माध्यम बिहार में श्मांजनश् तो दूसरे राज्यों में जातियों के मुखिया या

कांग्रेस इसी तहर टूटती-बिखरती रहेगी लेकिन खत्म कभी नहीं होगी

गौतम चौधरी  कांग्रेस टूटती-बिखरती रही है और आगे भी ऐसा ही होता रहेगा लेकिन खत्म नहीं होगी। उसकी कम सीटों पर हंसने वाली भारतीय जनता

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