योगीजी! आपकी पुलिस को व्यंग्य और कानून में फर्क तो समझना होगा

के. विक्रम राव समाजवादी पार्टी फिर से लोहियावादी हो गई। व्यंग्य का राजनीतिक प्रचार हेतु इस्तेमाल करके। इतना राष्ट्रव्यापी मीडिया प्रचार यदि अखिलेश यादव सत्याग्रह

सत्ता के लालच में कहां से कहां पहुंच गयी भाजपा

रमेश सर्राफ धमोरा कभी चाल, चरित्र, चेहरे की बात करने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब पूरी तरह से बदल गई है। सत्ता के लालच

आखिर लोकायुक्त से इतना डर क्यों ?

जयसिंह रावत पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के लिये एक सशक्त लोकपाल की व्यवस्था की मांग को लेकर सन् 2011 में चले अन्ना हजारे के आन्दोलन

राजस्थान में गोचर भूमि को बचाने की लड़ाई

अमरपाल सिंह वर्मा राजस्थान में गोचर भूमि को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी जा रही है। लंबे समय से लगातार हो रहे अतिक्रमणों के कारण

सब के लिए हितकारी है सामान नागरिक संहिता

विवेक रंजन श्रीवास्तव भारतीय संविधान विश्व के चुनिंदा आदर्श डाक्यूमेंट्स में से एक है। हमारे संविधान निर्माताओ ने बड़े सोच विचार के उपरांत इसमें यह

‘‘हमारी आस्था कुछ भी हो लेकिन हम हिन्दुस्तानी है, हुकूमत और सियासत से उपर मुल्क’’

कलीमुल्ला खान देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में सूफी संत एवं उनके सिलसिले वाले खानकाहों की भूमिका अद्भुद रही है। यही नहीं

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