सुरसा की तरह पसरता बोतलबंद पानी का बेलगाम धंधा

डाॅ. विनोद बब्बर हवा, पानी ईश्वर की ओर से प्राणी जगत को वरदान कहे जाते थे। कहा तो यहां तक जाता था कि जिस वस्तु

यहां आज भी मौजूद है भगवान श्रीकृष्ण और राधा के पदचिन्ह

अमरदीप यादव झारखंड के साहिबगंज जिला मुख्यालय से 26 किलोमीटर दूर गंगा के तट पर स्थित रुकन्हैया स्थान का नाम देश ही नहीं विदेशों तक

दक्षिण का हिंसक आन्दोलन और खालिस्तानी उभार कहीं अमेरिकी कूटनीतिक चाल तो नहीं?

गौतम चौधरी  एक ओर पंजाब में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह शांत हवा में बारूद की गंध घोल रहा है, तो दूसरी ओर सुदूर दक्षिण तमिलनाडु

BBC. चलनी है, सूप तो कतई नहीं

के. विक्रम राव यह पुख्ता अवधारणा है मेरी कि नरेंद्र मोदी लाख कोशिशों के बावजूद इंदिरा गांधी की गहराइयों को कतई पा नहीं पायेंगे। छू

अमृतपाल के बहाने पंजाब में फिर आतंक की आहट

गौतम चौधरी पंजाब एक बार फिर से उबला पड़ा है। इस बार खालिस्तानी सोच को किसी अमृतपाल सिंह नामक युवक का नेतृत्व मिला है, जो

इस्लाम न तो आधुनिकीकरण का विरोधी है और न ही खेल-कूद का

सूफी मोहम्मद कौसर हसन मजीदी इस्लाम न तो आधुनिकीकरण का विरोधी है और न ही खेल-कूद का। मासलन, इस्लाम उन बातों से दूर रहने की

धर्म के नाम पर मुस्लिम युवतियों की शिक्षा के साथ खिलवाड़

हसन जमालपुरी शिक्षा हर राष्ट्र के समाज को आकार देने में बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वास्तव में, यह किसी भी समाज और देश

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