देश के 25 से अधिक शहरों में चल रहा योगदा सत्संग का कोविड सेवा कार्य

देश के 25 से अधिक शहरों में चल रहा योगदा सत्संग का कोविड सेवा कार्य

रांची/ कोविड महामारी से निजात के लिए योगदा सत्संग सोसाइटी देश के 20 राज्यों के 25 से अधिक शहरों में सेवा कार्य चला रही है। रांची में सहायता के लिए योगदा आश्रम ने 0651-6655500 टेलीफोन नंबर जारी किया है। इसके अलावा आश्रम के सदस्यों के माध्यम से भी सहायता प्राप्त की जा सकती है।

आश्रम ने शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में बताया है कि कोविड महामारी से सुरक्षा और निजात के लिए अपनी सेवा भावना के तहत आवश्यक दवाओं के अलावा एन-95 मास्क, पल्स आॅक्सीमीटर, थर्मामीटर, स्ट्रेचर, ह्विल चेयर जैसी उपयोगी सामग्री यथा आवश्यक उपलब्ध करायी जा रही है।

इसी प्रकार जरूरत पड़ने पर अस्पतालों को बाॅयपाॅप मशीन और आॅक्सीजन कंसंट्रेटर तक देने की व्यवस्था है। इन दोनों उपकरणों की अस्पतालों में कम उपलब्धता के कारण यह व्यवस्था की गई है। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस सेवा या शव वाहन भी उपलब्ध कराया जाता है।

ये सेवाएं रांची सहित कोयंबटूर, हरिद्वार, मदुरै, मुंबई, नागपुर, सेरमपोर, वेल्लोर, विजयवाड़ा जैसे शहरों में मुहैया करायी जा रही हैं। इनके अलावा दक्षिणेश्वर, द्वाराहाट, अर्सिकेरे, बेल्लारी, बंगलुरू, चंडीगढ़, चेन्नै, लखनऊ, मंगलुरू, मैसूर, रायपुर, तंजावुर जैसे शहरों में पीपीई किट, फेस शिल्ड, मेडिकल ग्लोव और सेनेटाइजर भी आवश्यकतानुसार मेडिकल फ्रंटलाइन वर्कर या उन स्वयंसेवकों को देने की व्यवस्था है, जो कोविड-19 पीड़ितों की सीधी सेवा में लगे हुए हैं।

रांची आश्रम के अस्पताल और मेडिकल कर्मी चैबीसों घंटे एंबुलेंस और शव वाहन सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा आॅक्सीजन सिलिंडर, मेडिकल किट और निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श भी दिया जा रहा है। यहां एक एनजीओ को आपातकालीन कोविड अस्पताल प्रारंभ करने में भी मदद की जा रही है। इसके अलावा आइसीयू में भर्ती जरूरतमंद मरीजों तथा कतिपय वैसे परिवारों को भी आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिनके मुख्य अर्थोपार्जनकर्ता का कोविड के कारण देहांत हो गया हो।

योगदा आश्रम लाॅकडाउन के कारण आजीविका गवां चुके परिवारों को रांची सहित द्वाराहाट, दिल्ली और एनसीआर, अहमदाबाद, बेल्लारी, बंगलुरू, बेलगावी, हरिद्वार, हासन, कैगाकारवार, मान्ड्या, मुजफ्फरपुर, ओंगले, राजामुंदरी और थिरूकाझुकुंदरम में सूखे खाद्यान्न उपलब्ध करा रहा है।

योगदा आश्रम की विज्ञप्ति के अनुसार उत्तराखंड के द्वाराहाट में छोटा अस्पताल होने के कारण एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं थी। यह देख योगदा आश्रम ने निकटस्थ हलद्वानी के बड़े अस्पताल तक मरीजों को ले जाने के लिए एक वाहन खरीदकर उसे एंबुलेंस का रूप दिया। उडुपी के अस्पताल में हाॅट वाटर डिस्पेंसर दिया तो चेन्नै के अस्पताल में कैडवर बैग दिये।

आश्रम के एक वरिष्ठ संन्यासी ने कहा कि अति संक्रामक महमारी कोविड-19 की इस दूसरी लहर ने देश को ऐसी मुसीबत में डाल दिया है, जिसकी अपेक्षा नहीं थी। ऐसी अवांछित परिस्थिति बन गई है कि स्वास्थ्य सुविधाआंे, आवश्यक उपकरणों की कमी पड़ गई है। इससे प्रभावित होकर कई परिवार बेसहारा हो गए तो कई की आर्थिक स्थिति डंवाडोल हो गई। यहां तक कि देह की सुरक्षा और सेहत पर सवालिया निशान लग गया है। ऐसी स्थिति में प्रभावित लोगों-परिवारों और यहां तक कि अस्पतालों को योगदा सत्संग के आश्रमों, केंद्रों और मंडलियों द्वारा यथासंभव मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस सोसाइटी के संस्थापक परमहंस योगानंद के कथनानुसार मानवता की सेवा खुद से बढ़कर करने की ओर सोसाइटी अग्रसर है। आश्रम का यह मानना है कि विषम परिस्थितियों में प्रार्थना भी राह निकालती है। इसलिए योगदा के संन्यासी हर रात 9.40 से 10 बजे तक विशेष प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी योगानंद ने एक महान शिक्षा दी थी कि जैसे आप स्वयं अथवा अपने परिवार के लिए कुछ करते हैं, वैसे ही अपने आसपास के शारीरिक, मानसिक अथवा आध्यात्मिक रूप से कमजोर लोगों के भी उत्थान के लिए प्रयास करें तो निश्चय ही आपको प्रतीत होगा कि परमपिता का आपको सहयोग मिल रहा है।

विज्ञप्ति में यह भी अपील की गई है कि यदि इस विषम परिस्थिति से उबरने के किए जा रहे प्रयासों में कोई आर्थिक मदद करना चाहते हैं तो वे ईमेल के माध्यम से हेल्पडेस्क/वाईएसएसआइ डाॅट ओआरजी पर संपर्क कर सकते हैं। चाहें तो सोमवार से शनिवार तक सुबह नौ बजे से अपराह्न चार बजे तक 0651-6655555 टेलीफोन नंबर पर भी संपर्क कर सकते हैं। ऐसे हर दान के लिए आयकर में छूट प्राप्त होती है।

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