गौतम चौधरी
हमारे यहां भूतहा कहानियां कही और सुनी जाती रही है। उन कहानियों में रोमांच होता है। कहानियां डरावनी होती है और रोचकता से भरी होती है। इस प्रकार की कहानियां केवल हमारे यहां ही नहीं पूरी दुनिया में कही-सूनी जाती है। इस प्रकार की कहानियों में कई ऐसी कहानियाँ सुनाई जाती हैं जहाँ लोगों का मानना है कि किसी मृत व्यक्ति की आत्मा ने सच उजागर किया। इनमें से एक बहुत प्रसिद्ध घटना है जिसे अक्सर “पुनर्जन्म से खुला हत्या का रहस्य” कहा जाता है। यह कहानी आमतौर पर दिल्ली और मथुरा के बीच की घटना के रूप में सुनाई जाती है। तो आइए आज एक और रहस्य और रोमांच की कहानी आपके सामने प्रस्तुत है।
भूतहा लेकिन चर्चित घटना : “शांति देवी का मामला”
मामला स्वतंत्रता प्राप्ति से पहले की है। 1930 के दशक में दिल्ली में शांति देवी नाम की एक छोटी लड़की थी। जब वह लगभग 4-5 साल की हुई, तो उसने अपने माता-पिता से बार-बार कहना शुरू किया कि उसका असली घर मथुरा में है और उसका नाम लुग्दी देवी था।
वह कहती थी
उसकी शादी मथुरा के एक व्यापारी से हुई थी,
बच्चे को जन्म देने के कुछ समय बाद उसकी मृत्यु हो गई,
उसका पति अभी भी मथुरा में रहता है,
शुरू में परिवार ने इसे बच्चे की कल्पना समझा, लेकिन शांति देवी मथुरा के घर, रास्तों और लोगों के बारे में ऐसी-ऐसी बातें बताने लगी जो उसने कभी देखी ही नहीं थीं।
जांच शुरू हुई, यह मामला इतना मशहूर हो गया कि कई विद्वानों और नेताओं ने भी इसकी जांच करवाई। कहा जाता है कि उस समय एक जांच समिति बनी जिसमें कई प्रतिष्ठित लोग शामिल थे।
जब शांति देवी को मथुरा ले जाया गया, तो उसने – अपने कथित पिछले जन्म के घर को पहचान लिया। अपने “पिछले पति” को पहचान लिया। घर में छिपाकर रखी कुछ चीजों के बारे में भी बताया। इस घटना की चर्चा पूरे देश में फैल गई और इसे पुनर्जन्म के सबसे चर्चित मामलों में से एक माना गया।
क्या यह सच में भूत या आत्मा थी?
इस मामले में – कुछ लोगों का मानना था कि यह पुनर्जन्म का प्रमाण है। कुछ वैज्ञानिकों ने कहा कि यह संजोग, जानकारी लीक होना या मनोवैज्ञानिक कारण भी हो सकते हैं। आज तक इसका पूरी तरह वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं निकला, इसलिए यह घटना रहस्य बनी हुई है।
