पवर्त की पुकार/ सुरंगों से तबाह हो रहा है हिमालय का भूगर्भीय जल चक्र

जयसिंह रावत उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित 520 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टेल-रेस टनल में हुए भीषण हादसे ने एक बार फिर

नदियों की अमर प्रेमकथा : घने जंगल और पहाड़ों में आज भी कोयल-कारो की विरह वेदना सुनाई देती है

गौतम चौधरी (4) JANLEKH – YouTube झारखंड की धरती पर नदियां केवल जल प्रवाहित नहीं करती। वह यहां की स्मृतियों, संघर्षों, आजीविका और लोकविश्वासों का

अनगढ़, अव्यवस्थित और गैरजवाबदेह भीड़ को पहाड़ की पीड़ सुननी ही पड़ेगी

राकेश सैन साल 1992 में पंजाब के सीमांत कस्बे अबोहर के डीएवी कालेज से हम पांच विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश के मकलोडगंज के लिए साइकिल यात्रा

यदि आसन्न प्राकृतिक आपदाओं से बचना है तो पहाड़ को बचाना व संवारना जरूरी

डॉ. वेदप्रकाश पहाड़ परमात्मा द्वारा दिए गए सुंदर उपहार हैं। विकास के नाम पर अथवा लालचवृत्ति के कारण पहाड़ों को काट-काटकर खत्म किया जा रहा

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