दो-दो एके-47 रखने वाले शख्स का बिहार के एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से रहा है नजदीक का रिश्ता

दो-दो एके-47 रखने वाले शख्स का बिहार के एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से रहा है नजदीक का रिश्ता

गौतम चौधरी की खास रपट

रांची/ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड में अवैध खनन मामले में जारी धन शोधन जांच के संबंध में जिस प्रेम प्रकाश उर्फ छोटू नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, उसका संबंध कभी बिहार के अति प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से रहा है। उस घनिष्टता के कारण प्रेम को कई बार उस परिवार का कोप भी झेलना पड़ा लेकिन संबंध लंबे समय तक चला। उन दिनों उस परिवाार के सहयोगियों व संबंधियों से प्रेम कई बार प्रताड़ित भी किए गए लेकिन बाद में वही संबंध उन्हें रसूखों की उंचाइयां भी प्रदान की। यही नहीं कई बार उस परिवार के खास मित्र व संबंधियों के कारण उन्हें पटना से दर-बदर भी होना पड़ा।  

प्रेम का मायाजाल

प्रेम प्रकाश के बारे में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि प्रकाश को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत बुधवार देर रात करीब दो बजे हिरासत में लिया गया और उसे रांची की एक अदालत में पेश किया गया। जहां एजेंसी उसकी हिरासत की मांग की। इस मामले में यह तीसरी गिरफ्तारी है।

इससे पहले, ईडी ने इस मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा और मिश्रा के सहयोगी, बाहुबली बच्चू यादव को गिरफ्तार किया था। ईडी ने इस मामले की जांच के तहत बुधवार को रांची स्थित प्रकाश के परिसरों समेत झारखंड, बिहार, तमिलनाडु और दिल्ली- राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कुछ स्थानों पर छापेमारी की और दो एके-47 राइफल तथा 60 कारतूस बरामद किये। जांच अधिकारियों ने बताया कि बरामद हथियार झारखंड के दो पुलिस कांस्टेबलों के थे जिन्हें बाद में निलंबित कर दिया गया।

कौन है प्रेम प्रकाश?

प्रेम प्रकाश को झारखंड में पावर ब्रोकर के नाम से जाना जाता है। लगभग 22 साल पहले की बात है। प्रेम के पिता का निधन हो गया और उन्हें अनुकंपा के आधार पर बैंक ने क्लर्क की नौकरी दी। हालांकि पिता के निधन के बारे में भी रहस्य की बात अफवाहों में है। यहीं से प्रेम को एक बड़ा ब्रेक मिला। इसके बाद दूसरा ब्रेक बिहार के अति प्रभावशाली परिवार की एक युवा महिला सदस्य ने उन्हें दिया। उन दिनों प्रेम पटना के भारतीय स्टेट बैंक, सचिवालय शाखा में कार्यरत थे। प्रेम उस बैंक में कार्यरत थे जहां उक्त रसूख वाले परिवार के कई खाते थे। उन खातों के कारण प्रेम का संबंध उक्त परिवार के साथ बना और उसी क्रम में वहां की एक युवा महिला उसकी दोस्त बन गयी। उस दोस्ती ने प्रेम को ताकत प्रदान की। हालांकि उसी दोस्ती के कारण उन्हें पटना छोड़ना पड़ा लेकिन तबतक प्रेम के अपने स्वजातीय खेमें में जबर्दस्त पकड़ हो चुकी थी। चूंकि वे सत्ता के केन्द्र समझे जाने वाले परिवार तक की सीधी पहुंच रखते थे इसलिए वे बिहार में राजनीतिक व प्रशासनिक काम करवाने में सक्षम हो गए थे। कुछ दिनों तक उस परिवार के मुखिया का केन्द्र सरकार में भी व्यापक असर रहा जिसके कारण प्रेम केन्द्र के कुछ खास लोगों के संपर्क में आए और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से संबंध बनाने में कामयाब हो गए।

अब प्रेम ने अपना ठिकाना झारखंड को बनाया। राजनीतिक और प्रशासनिक दलाली के मामले में माहिर हो चुके प्रेम को अब यह पता चल चुका था कि कौन व्यक्ति कितने दाम पर बिकेगा और किसकी बोली कितने में लगाई जा सकती है। अब वे राजनीतिक और प्रशासनिक दुनिया के काले खेल के सिद्धस्थ खिलाड़ी हो चुके थे। मूल रूप से बिहार के सासाराम के रहने वाले प्रेम अनुकंपा की नौकरी से अब एक काले खेल के माहिर सतरंजबाज हो चुके थे।

सात-आठ साल पहले झारखंड आने के बाद प्रेम प्रकाश ने सत्ता से लेकर ब्यूरोक्रेसी के गलियारों तक में जबर्दस्त रसूख हासिल कर ली। देखते ही देखते उन्होंने कई नेता और सरकारी अधिकारियों के खास हो गए। आलम यह था कि आईएएस-आईपीएस से लेकर बड़े-बड़े ब्यूरोक्रेट्स अपने तबादले से लेकर पोस्टिंग तक के लिए प्रेम के दरबार में हाजिरी लगाने लगे। झारखंड की पिछली भाजपा सरकार से लेकर मौजूदा गठबंधन सरकार तक में उसके रसूख में कभी कोई कमी नहीं आई।

साल 2015-16 में प्रेम प्रकाश को पूरे झारखंड में मिड डे मील के लिए अंडा सप्लाई का काम मिला था। कहते हैं कि झारखंड में अंडा सप्लाई करते हुए उसकी अफसरों और राजनेताओं तक पहुंच बनी और ठेके-पट्टे मैनेज करने लगे। प्रेम प्रकाश का रांची के पॉश एरिया कहे जाने वाले अशोक नगर के रोड नंबर 5 के सामने एक अपार्टमेंट है।

प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर छापेमारी में ईडी को मौके से दो एके-47 और 60 कारतूस मिले थे। इसके बारे में बताया जाता है कि यह हथियार झारखंड पुलिस की है। प्रेम के रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे पुलिस तक के हथियारों का उपयोग करने में माहिर हो चुके हैं।

झारखंड पुलिस के मुताबिक, दोनों हथियार रांची पुलिस के दो सिपाहियों की है। पुलिस ने बताया कि जब दो पुलिस वाले 23 अगस्त को ड्यूटी के बाद वापस लौट रहे थे, इसी बीच बारिश के कारण अपने पूर्व परिचित (प्रेम प्रकाश के स्टाफ) के पास अपना एके-47 व कारतूस अलमारी में रख दिया था और चाबी अपने साथ लेकर चले गए थे। बुधवार 24 अगस्त की सुबह जब अपना हथियार लेने के लिए पहुंचे तो वहां ईडी की छापेमारी चल रही थी। इसके चलते वे हथियार नहीं ले पाए। अरगोड़ा थानेदार ने जांच में पाया कि दोनों ही हथियार ईडी ने बरामद किया है। दोनों एके-47 व कारतूस को प्राप्त करने के लिए ईडी से रांची पुलिस ने पत्राचार किया है। इस घोर लापरवाही के लिए दोनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरक्षियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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