नयी दिल्ली/ ग्रेट निकोबार द्वीप में प्रस्तावित बहु-अरब डॉलर की विकास परियोजना को लेकर राजनीतिक और पर्यावरणीय बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर कहा है कि वर्तमान स्वरूप में यह परियोजना विकास से अधिक एक विशाल व्यावसायिक परियोजना बन चुकी है, जिससे द्वीप की अनूठी जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ग्रेट निकोबार द्वीप हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थिति रखता है। सरकार यहां बंदरगाह, हवाई अड्डा और अन्य बुनियादी ढांचा विकसित करना चाहती है। हालांकि पर्यावरणविदों का कहना है कि यह क्षेत्र दुर्लभ वनस्पतियों, जीव-जंतुओं और आदिवासी समुदायों का निवास स्थल है। ऐसे में विकास और संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
