स्क्रीन पर सच और झूठ का महायुद्ध : डिजिटल मीडिया और भारतीय समाज की नई परीक्षा

डॉ. शैलेश शुक्ला 6 अप्रैल 2026 कृ असम, केरल और पुदुच्चेरी में चुनाव से ठीक तीन दिन पहले – भारत के करोड़ों नागरिक अपने मोबाइल

TCS नासिक प्रकरण : कॉरपोरेट जेहाद बनाम नैरेटिव की राजनीति

गौतम चौधरी महाराष्ट्र के नासिक स्थित Tata Consultancy Services (TCS) के एक कार्यालय से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों ने

IFDA पर भारत की सावधानीपूर्ण असहमति, चीनी प्रभाव से विश्व को सावधान करने की कोशिश

गौतम चौधरी वैश्वीकरण के वर्तमान चरण में निवेश अब केवल पूंजी प्रवाह का साधन नहीं रह गया है; यह कूटनीतिक प्रभाव, रणनीतिक विस्तार और वैश्विक

अत्यंत गंभीर है कृत्रिम मेधा के विकास में भारतीय भाषाओं के डाटा की कमी का मामला

डॉ. शैलेश शुक्ला इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में कृत्रिम मेधा या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विश्व की सबसे प्रभावशाली तकनीकों में से एक बन चुकी है।

कौटिल्य का अर्थशास्त्र : जनता की सेवा में निहित है राज्य की शक्ति

गौतम चौधरी भारतीय चिंतन परंपरा में पुरुषार्थ चतुष्टय-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का विशेष महत्व है। इनमें “अर्थ” को अत्यंत केंद्रीय स्थान प्राप्त है, क्योंकि

होर्मुज़ संकट : वैश्विक ऊर्जा, समुद्री व्यापार और शक्ति-राजनीति का अखाड़ा

डॉ. ब्रजेश कुमार मिश्र फारस की खाड़ी और अरब सागर के बीच स्थित होर्मुज़ जलडमरूमध्य आज विश्व राजनीति का सबसे संवेदनशील समुद्री बिंदु बन चुका

तो क्या इस युद्ध को अमेरिकी साम्राज्यवाद के पतन की पटकथा मान लेनी चाहिए?

गौतम चौधरी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका ने मध्य पूर्व की राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था और ऊर्जा भू-राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाई

नागरिक पत्रकारिता : जमीनी हकीकत की सच्ची आवाज

बाबूलाल नागा डिजिटल क्रांति के इस दौर में खबरों का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है। कभी न्यूजरूम और बड़े मीडिया संस्थानों तक सीमित रहने

“विरासत” केवल आयोजन नहीं, विश्व मानवता को आपस में जोड़ने वाला संस्कृतिक संगम है : राजीव कुमार सिंह

गौतम चौधरी विगत दिनों देहरादून प्रवास के दौरान “रीच” के संस्थापक और “विरासत” नामक सांस्कृत आयोजन के प्रमुख संचालक राजीव कुमार सिंह (अपनों के बीच

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