शशांक मणि त्रिपाठी लोकतांत्रिक शासकीय प्रणाली में “अधिकतम सहभागिता“ के सिद्धांत की सरकार होती है। इस शासकीय व्यवस्था में, “सबका साथ, सबका विकास एवं सबका
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भारतीय सिनेमा में ‘वैनिटी वैन कल्चर’
सुभाष शिरढोनकर 1980 के दशक के उत्तरार्ध में भारतीय सिनेमा में वैनिटी वैन कल्चर का आगमन मनोरंजन उद्योग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित
संस्कृति और संस्कार : समाज या व्यक्ति का स्वरूप ही नहीं संसाधन व पूंजी भी है
गौतम चौधरी हमारे समय की एक बड़ी विडंबना यह है कि संस्कृति पर चर्चा तो बहुत होती है लेकिन संस्कृति को समझने का प्रयास कम
समाचार माध्यम यानी मीडिया श्रेष्ठ दुनिया का आधार तो है ही
डॉ. मत्स्येन्द्र प्रभाकर आज का युग श्सूचना का युगश् है। इस युग में मीडिया केवल समाचार देने का माध्यम नहीं है। बल्कि यह जनमत निर्माण,
जंगल में बिखरी दवाइयाँ : क्या गरीबों की जिंदगी और जनता के टैक्स के पैसे की कोई कीमत नहीं?
अशोक कुमार झा झारखंड के लातेहार जिले के मनिका क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने न केवल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न
मूल्य पारदर्शिता से ही महंगाई पर लगेगी लगाम, केवल पैक साइज नहीं, एक्स-फैक्ट्री प्राइस भी अंकित हो
पंकज जायसवाल केंद्र सरकार द्वारा खाद्य तेलों की पैकेजिंग में पुनः मानक पैक साइज लागू करने की दिशा में उठाया गया कदम उपभोक्ता हित में
NHPC की हिस्सेदारी बिक्री को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन
नयी दिल्ली/ सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी में हिस्सेदारी बिक्री योजना को निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला है। बिक्री पेशकश (ओएफएस) को
AI का सुनहरा सब्जवाग, टेक कंपनियों की रणनीति और भारतीय युवाओं में बेचौनी
गौतम चौधरी कभी भारतीय आईटी उद्योग को देश के उभरते मध्यम वर्ग का सबसे बड़ा निर्माता कहा जाता था। इंजीनियरिंग कॉलेजों से निकलने वाले लाखों
अरावली की नई परिभाषा पर होगा पुनर्विचार, SC ने गठित की विशेषज्ञ समिति
नयी दिल्ली/ देश की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक अरावली की वास्तविक सीमा और परिभाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच उच्चतम न्यायालय
ग्रेट निकोबार परियोजना पर फिर छिड़ी बहस, जयराम रमेश ने जताई चिंता
नयी दिल्ली/ ग्रेट निकोबार द्वीप में प्रस्तावित बहु-अरब डॉलर की विकास परियोजना को लेकर राजनीतिक और पर्यावरणीय बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
