गौतम चौधरी मानव सभ्यता का इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का क्रम नहीं है, बल्कि यह मिथकों, प्रतीकों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक जटिल ताना-बाना
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कुमार नारायण जासूसी प्रकरण : सारे तथ्यों के बाद भी देशद्रोही सजा से बच गया
गौतम चौधरी भारत के समकालीन इतिहास में कुछ घटनाएँ ऐसी घटी हैं, जिन्होंने शासन-प्रणाली, प्रशासनिक सतर्कता और राष्ट्रीय सुरक्षा को गहराई से प्रभावित किया। 1980
कृत्रिम बुद्धिमत्ता : सचमुच एक साम्राज्यवादी प्रचार का साधन है या फिर नाहक दुष्प्रचार
गौतम चौधरी डिजिटल युग में सूचना का प्रवाह अत्यंत तीव्र और व्यापक हो गया है। विशेष रूप से सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित
मनोरंजन उद्योग/ फिर से धूम मचा रही हैं शिल्पा शिंदे
सुभाष शिरढोनकर 28 अगस्त, 1977 को मुंबई के एक महाराष्ट्रियन परिवार में पैदा हुई तेलुगु, मराठी और हिंदी फिल्मों के साथ ही छोटे परदे की
झारखंड की राजधानी रांची में पड़ी थी पहली स्वदेशी संगीत उद्योग की नीब
गौतम चौधरी रांची के बहूबाजार की एक पुरानी इमारत पर लिखा “संगीत रिकार्डिंग कंपनी” केवल एक जर्जर बोर्ड नहीं, बल्कि भारतीय संगीत इतिहास के उन
जीवन के रंग/ बदलते वक्त में यौन शुचिता का महत्व
उषा जैन शीरीं सेक्स को लेकर आज की युवा पीढ़ी में जो खुलापन आया है वह जग जाहिर है। लद गए वो जमाने शर्म और
पत्थरों में दर्ज सभ्यता की भाषा : ब्राज़ील के Ingá Stone से लेकर भारत के हजारीबाग तक फैली है प्राचीन विरासत
गौतम चौधरी मानव की प्राचीन से प्राचीनतम सभ्यताओं ने अपने विचारों, आस्थाओं और अनुभवों को व्यक्त करने के लिए जिस सबसे स्थायी माध्यम को चुना,
हज़रत ख़्वाजा ज़िया अल-दीन नख़्शबी : सूफ़ी परंपरा के एक महान संत और इस्लामिक तत्ववेत्ता
गौतम चौधरी मध्यकालीन भारतीय इतिहास के सांस्कृतिक व धार्मिक परिदृश्य में कुछ ऐसे व्यक्तित्व उभरते हैं, जिन्होंने सीमाओं, भाषाओं और परंपराओं को लाँघकर एक नए
विदेशी फंडिंग वाले विधेयक पर भाजपा का दोहरा राजनीतिक चरित्र उजागर
रजनी राणा भारतीय लोकतंत्र में विदेशी फंडिंग का प्रश्न नया नहीं है, लेकिन समय-समय पर यह बहस नए संदर्भों के साथ सामने आती रही है।
CAPF बिल के विरोध का ठोस कारण जानिए
गौतम चौधरी भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से एक जटिल लेकिन प्रभावी ढांचे पर टिकी रही है, जिसमें विभिन्न केंद्रीय अर्धसैनिक बल-सीआरपीएफ, बीएसएफ,
