गौतम चौधरी हाल ही में सहारनपुर के रहने वाले वरिष्ठ चिंतक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. असलम खान साहब ने एक व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने
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Lifestyle/ जीवन को यदि रंगीन बनाना है तो चाहिए एक रोमांटिक पति
आरती रानी एक जमाना था जब पत्नी अपने पति को देवता मानकर उसकी इच्छानुसार ही स्वयं को भी ढालने का प्रयास करती थी। इसी कारण
नैरेटिव का युद्ध : लोकतंत्र का सबसे बड़ा अदृश्य हथियार
गौतम चौधरी एक समय युद्ध तलवारों से लड़े जाते थे। फिर बंदूकें और तोपें आईं। बीसवीं शताब्दी में परमाणु हथियारों ने शक्ति का नया संतुलन
सिंधु घाटी : दम घोंटती धूल और धुआं, गायब होते ग्लेशियर
जयसिंह रावत आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) के पावन अवसर पर शुरू हुई विख्यात अमरनाथ यात्रा इस समय अपने चरम पर है लेकिन यात्रा के पहले
महुआ : एक वृक्ष नहीं, भारतीय सभ्यता की स्मृति
औपनिवेशिक नीतियों से लेकर स्वतंत्र भारत की उपेक्षा तक गौतम चौधरी यह केवल एक वृक्ष की व्यथा कथा नहीं है, यह भारत की उस संमृद्धि
पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन से ही वक़्फ़ की गरिमा और मर्यादा वापस आ पाएगी
गौतम चौधरी वक़्फ़ इस्लाम की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक संस्थाओं में से एक है। सदियों से मस्जिदें, कब्रिस्तान, मदरसे, अनाथालय, दरगाहें और अनेक धर्मार्थ संस्थान उन
झारखंड में एक लाख करोड़ का निवेश : क्या इस बार एमओयू से आगे बढ़ेगी कहानी?
गौतम चौधरी झारखंड फिर एक बार सुर्खियों में है। लगभग एक लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव, राज्य का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र, इस्पात उद्योग
‘‘हर ज़र्रा चमकता है अनवार-ए-इलाही से ….’’ : अकबर इलाहाबादी के एक शेर के बहाने इस्लाम और भारतीय दर्शन का तुलनात्मक अध्ययन
गौतम चौधरी “हर ज़र्रा चमकता है अनवार-ए-इलाही से,हर साँस ये कहती है, हम हैं तो ख़ुदा भी है।” उर्दू शायरी में ऐसे अनेक शेर मिलते
36 वर्ष बाद भी कश्मीरी हिंदुओं को न्याय का इंतज़ार
गजेन्द्र सिंह जब भी भारत में कश्मीर की चर्चा होती है, बहस प्रायः सीमा पार आतंकवाद, सुरक्षा, बहुसंख्यक कश्मीरी मुसलमानों के अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय राजनीति
कैच द रेन : जल संरक्षण की वह तकनीक जिससे भविष्य सुरक्षित रहेगा
डॉ. नीरज भारद्वाज भारतीय ज्ञान परंपरा विशाल, विस्तृत और व्यापक है। हमारी ज्ञान परंपरा में श्रृष्टि का हर एक अंग समाहित है। दिन-रात के हर
