नयी दिल्ली/ पाकिस्तान के कराची स्थित सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत पर लगाए गए आरोपों को नयी दिल्ली ने खारिज कर दिया है। भारत ने पाकिस्तान को दो टूक संदेश देते हुए कहा कि वह निराधार आरोप लगाने के बजाय अपनी धरती पर सक्रिय आतंकी ढांचे के खिलाफ पाकिस्तान ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करे।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि भारत का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने भीतर झांकने की जरूरत है। आतंकवाद को संरक्षण देने और उसे बढ़ावा देने की नीति का खामियाजा स्वयं पाकिस्तान लंबे समय से भुगत रहा है।
भारतीय पक्ष का कहना है कि पाकिस्तान की यह पुरानी प्रवृत्ति रही है कि किसी भी बड़ी आतंकी घटना या सुरक्षा चूक के बाद वह बिना किसी साक्ष्य के भारत पर आरोप लगाने लगता है। इससे न तो वास्तविक दोषियों तक पहुंचा जा सकता है और न ही आतंकवाद जैसी गंभीर चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने शनिवार रात कराची स्थित सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले को विफल करने का दावा किया। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में छह आतंकवादियों को मार गिराया, जबकि एक घायल हमलावर को जीवित गिरफ्तार कर लिया। इस मुठभेड़ में सिंध रेंजर्स के चार जवान भी मारे गए।
हमले के बाद पाकिस्तान के कुछ सरकारी अधिकारियों और मीडिया के एक वर्ग ने बिना कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत किए भारत पर हमले में संलिप्त होने के आरोप लगाए। भारत ने इन आरोपों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हुए कहा कि इस तरह के दावे वास्तविक समस्या से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं।
भारत ने दोहराया कि आतंकवाद किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है और उससे प्रभावी मुकाबले के लिए आवश्यक है कि सभी देश अपनी धरती पर सक्रिय आतंकवादी संगठनों और उनके नेटवर्क के खिलाफ निष्पक्ष तथा निर्णायक कार्रवाई करें। नई दिल्ली का कहना है कि आतंकवाद के मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप के बजाय ठोस कदम उठाना ही क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के हित में होगा।
