क्रूर पूंजीवादी दौर में भारत का लोकतंत्र, लगातार घटती जा रही है सरकारी नौकरियाँ

लालचन्द्र देश की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। स्वाभाविक है कि इस बढ़ती हुई जनसंख्या की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकारी अमले

राजनीतिक हित और नफा-नुकसान के आधार पर मानवाधिकार की व्याख्या लोकतंत्र के लिए खतरनाक : PM MODI

नई दिल्ली/ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के 28वें स्थापना दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मानवाधिकारों की चयनित तरीके से व्याख्या करने वालों तथा

मुस्लिम ब्रदरहुड का ही भारतीय वर्जन है जमात-ए-इस्लाम, लोकतंत्र व बहू पांथिक संस्कृति के लिए है घातक

गौतम चौधरी पश्चिमी ईसाई दुनिया का प्रभुत्व विस्तार ही आधुनिक दुनिया का उदय माना जाता है। इससे पहले ओटोमन साम्राज्य की तूति बोलती थी। क्रूसेड

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