दक्षिणपंथ/ अमेरिकी सांसद का लेख और यूएस विदेश मंत्री की भारत यात्रा, यह मामला कहीं ‘धर्म-परिवर्तन’ का बड़ा एजेंडा तो नहीं?

केशव राजू एक अमेरिकी सांसद द्वारा लिखा गया एक लेख – और उसके बाद भारत की उनकी यात्रा (एक ऐसी यात्रा जिसकी शुरुआत कोलकाता से

2014 के बाद के भारत का आलोचनात्मक विवेचन : तो सचमुच नरेन्द्र मोदी की सरकार क्रूर पूंजीवार के मजबूत बना रही है?

गौतम चौधरी 2014 में जब नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटी, तब भारतीय राजनीति में केवल सरकार नहीं

भारत : अंतर धार्मिक संवाद का देश, जहां समय-समय पर पांथिक विमर्श भी जरूरी

गौतम चौधरी भारत जैसे देश में धर्म केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि लोगों की स्मृतियों, संस्कारों, त्योहारों, जीवन पद्धति और जीवन-दृष्टि का हिस्सा है। यहाँ एक

अलनीनो से प्रभावित होने के बाद भारत के पास क्या इंतजाम?

सौरभ वार्ष्णेय दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच अलनीनो एक बार फिर भारत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा

पश्चिम एशिया का संकट : सैन्य उपप्रमुख की चेतावनी, “हार्ड पावर” की वापसी और भारत की दुविधा

गौतम चौधरी दुनिया एक बार फिर ऐसे मोड़ पर आकर खड़ी हो गयी है जहाँ कूटनीति की भाषा के समानांतर सैन्य शक्ति की विकृत और

भारत और नीदरलैंड में व्यापार को व्यापक बनाने व बढ़ावा देने के लिए अहम अनुबंध

रामा तक्षक भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 16 मई की सुबह नीदरलैंड्स आ पहुँचे थे। उनका ’’भारत’’ हवाई जहाज ए4 हाई वे से साफ और

दक्षिणपंथ/ संघ का लक्ष्य परमवैभवशाली भारत की स्थापना

डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय संघ का उद्देश्य “परम वैभवशाली भारत की स्थापना है।” संघ का संकल्प आगामी वर्षों में “संगठित हिंदू समाज” को “और ज्यादा” मजबूत

केरलम : भारतीय लोकतंत्र का सबसे जटिल और जीवित प्रयोग

गौतम चौधरी भारतीय राजनीति के विशाल परिदृश्य में केरलम अपवाद है। यह वह प्रदेश है जहाँ राजनीति केवल चुनावी प्रबंधन, धार्मिक ध्रुवीकरण या व्यक्तिपूजा तक

भारत में कौशल का संकट और ITI व्यवस्था  की सच्चाई 

गौतम चौधरी  भारत लंबे समय से अपनी युवा आबादी को “डेमोग्राफिक डिविडेंड” के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। यह दावा किया जाता है कि

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