भारत : दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र या फिर सबसे बड़ा निर्वाचनी अधिनायकवाद?

गौतम चौधरी भारत लंबे समय से स्वयं को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। यह दावा केवल उसकी जनसंख्या

न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय को सम्मान, ‘भारत स्वतंत्रता दिवस’ प्रस्ताव पारित

नयी दिल्ली/ अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य की सीनेट ने 15 अगस्त 2026 को ‘भारत स्वतंत्रता दिवस’ के रूप में मान्यता देने संबंधी प्रस्ताव पारित किया

बंधुआ मजदूरी के मुद्दे पर भारत सहित 54 देशों पर अतिरिक्त शुल्क का अमेरिकी प्रस्ताव

नयी दिल्ली/ अमेरिका ने श्रम अधिकारों और वैश्विक व्यापार को लेकर एक नया प्रस्ताव सामने रखा है, जिसके तहत भारत सहित 54 देशों से आने

भारत का वह एतिहासिक द्वीप जहां से यूरोपीय साम्राज्यवाद की शुरुआत हुई

प्रवीण झा इतिहास में कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जो देखने में मामूली लगती हैं, लेकिन उनके दूरगामी परिणाम सदियों तक दिखाई देते हैं। 1498

ईरान संकट का असर अब भारत के मेहनतकश मजदूर व किसानों पर भी दिखने लगा

गौतम चौधरी जब भी पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल भड़कते हैं तो भारत में टेलीविजन स्टूडियो सबसे पहले सामरिक समीकरणों, तेल की वैश्विक कीमतों,

BRICS : वर्तमान वैश्विक परिदृष्य में कहां खड़ा है भारत?

गौतम चौधरी विश्व राजनीति के बदलते परिदृश्य में ब्रिक्स आज केवल एक आर्थिक मंच नहीं रह गया है। यह उस वैश्विक असंतोष की अभिव्यक्ति बन

भारतीय राज्य और संघवाद : क्या भारत एक बार फिर-से ऐतिहासिक मोड़ पर आकर खड़ा हो गया है?

गौतम चौधरी आगामी 30 मई यानी आने वाला कल, चंडीगढ़ में “पिंड बचाओ, पंजाब बचाओ मंच” द्वारा एक सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।

डराने-धमकाने की प्रशासनिक कार्यशैली लोकतांत्रिक शैली के लिए बेहद खतरनाक

धीतेन्द्र कुमार शर्मा राष्ट्रीय कार्यक्रमों में तैनात कार्मिकों को धमकाना शायद हमारे प्रशासनिक तंत्र की फितरत ही बन गई है। कुछ माह पहले राजस्थान समेत

समुद्र से सरहद तक : RSS के सरकार्यवाह होसबले की नसीहत और भारत की आसन्न कूटनीतिक रणनीति

गौतम चौधरी दक्षिण एशिया की राजनीति में कई बार वास्तविक परिवर्तन सरकारी घोषणाओं से नहीं, बल्कि भूगोल, व्यापार और बाज़ार की हलचलों से दिखाई देने

दक्षिणपंथ/ अमेरिकी सांसद का लेख और यूएस विदेश मंत्री की भारत यात्रा, यह मामला कहीं ‘धर्म-परिवर्तन’ का बड़ा एजेंडा तो नहीं?

केशव राजू एक अमेरिकी सांसद द्वारा लिखा गया एक लेख – और उसके बाद भारत की उनकी यात्रा (एक ऐसी यात्रा जिसकी शुरुआत कोलकाता से

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