नयी दिल्ली/ अमेरिका ने श्रम अधिकारों और वैश्विक व्यापार को लेकर एक नया प्रस्ताव सामने रखा है, जिसके तहत भारत सहित 54 देशों से आने वाले कुछ आयातों पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय का आरोप है कि इन देशों में बंधुआ मजदूरी से निर्मित वस्तुओं के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो भारतीय निर्यातकों, विशेषकर श्रम-प्रधान उद्योगों पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि भारत लंबे समय से श्रम सुधारों और आपूर्ति श्रृंखलाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के प्रयासों का हवाला देता रहा है। आने वाले महीनों में इस प्रस्ताव पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।
