हरमूज से सिलिकॉन वैली तक : क्या ईरान के साथ टकराव से बदलने लगा है वैश्विक कूटनीतिक संतुलन?

गौतम चौधरी दुनिया की राजनीति में अक्सर ऐसे क्षण आते हैं जब किसी एक निर्णय का असर केवल युद्धक्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह

अमेरिका-इज़राइल बनाम ईरान : तनाव और संभावित युद्ध का भविष्य

गौतम चौधरी पश्चिम एशिया की राजनीति लंबे समय से प्रतिस्पर्धा, अविश्वास और सामरिक टकराव से प्रभावित रही है। हाल के वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका,

वामपंथ/ ईरान : अमेरिकी साम्राज्यवाद व ख़ामेनेई की निरंकुश सत्ता, दोनों मेहनतकश अवाम के लिए खतरनाक

आनन्द ईरान आज गहरे राजनीतिक-आर्थिक संकट से गुजर रहा है। महँगाई, बेरोज़गारी, मुद्रा अवमूल्यन और सामाजिक दमन ने आम जनताकृविशेषकर मजदूरों, युवाओं और महिलाओंकृको असंतोष

ईरान इजराइल-अमेरिका के ट्रैप में फंस गया, इससे निकलना उसके लिए बेहद कठिन

राजेश कुमार पासी जब से ईरान ने इजराइल पर हमला किया है, तब से पूरे मुस्लिम जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है। जैसा

धार्मिक कट्टरपंथी सरकार के खिलाफ जारी ईरान की मेहनतकश जनता का संघर्ष

मानव 16 सितंबर से ही 22 साला कुर्द लड़की महसा अमीनी की मौत के बाद ईरान की पूँजीवादी-कट्टरपंथी हुकूमत के खलिाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं।

ईरान के बागी फुटबालरों ने खुद के देश का राष्ट्रगान न गाकर दिया नारी-मुक्ति का संदेश

के. विक्रम राव हिजाब पर सेक्युलर भारत का सुप्रीम कोर्ट कुछ भी कहता रहे, इस्लामी ईरान के फुटबॉलरों ने दुनिया को दिखा दिया कि आजादी

भारत और ईरान के हिजाब आन्दोलन के फर्क को समझिए

गौतम चौधरी अभी हाल ही ईरान में इस्लामिक रिवाज, हिजाब को लेकर एक बड़ा आन्दोलन देखने को मिला। इस आन्दोलन में ईरान की अधिकतर मुस्लिम

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