इस्लाम : दुनिया का पहला धर्म जहां महिलाओं के अधिकारों का मुकम्मल दस्तावेजीकरण हुआ

गौतम चौधरी समकालीन विश्व में जब भी महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा या राजनीतिक भागीदारी की चर्चा होती है, तो अक्सर यह धारणा सामने आती है

नागरिकता का ठोस आधार भारतीय संवैधान है, पंथ, धर्म, भाषा, जाति की कपोल कल्पना नहीं

गौतम चौधरी आधुनिक भारतीय सार्वजनिक जीवन के शोर-गुल के बीच एक शांत लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न लगातार मौजूद है, क्या मैं इस देश से संबंधित

इस्लाम : आस्था, विवेक और जिम्मेदारी का संतुलन ही धर्म का सच्चा मार्ग

गौतम चौधरी आज की तेज़-रफ्तार और अक्सर भ्रमित कर देने वाली दुनिया में लोग दिशा और स्पष्टता की तलाश में धार्मिक नेतृत्व की ओर देखते

SC का ऐतिहासिक निर्णय : आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में ग्राम सभा सर्वोच्च, धर्मांतरण किसी रूप में स्वीकार नहीं

गौतम चौधरी भारत की जनजातीय पहचान केवल सामाजिक ढांचे का हिस्सा नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक परंपरा है, जो प्रकृति, सामुदायिक जीवन और आध्यात्मिक मूल्यों

‘मैं क्यों पढूं कुरान’, स्वधर्म रक्षा के प्रकाश स्तम्भ गुरु रविदास जी

राकेश सैन बीसवीं सदी के विचारक ओशो ने गुरु रविदास जी को बुद्ध पुरुषों रूपी तारों से भरे भारत के आकाश का ध्रुव तारा बताया

आस्था व विश्वास को यदि हथियार बना देंगे तो धर्म का क्या होगा?

गौतम चौधरी अभी हाल ही में बांग्लादेश में एक नए प्रकार के कथित लोकतंत्र समर्थित आन्दोलन में ऐसा बहुत कुछ हुआ जो समझ से पड़े

रमजान और महाकुंभ में धर्म और इंसानियत की एकजुटता का एक खास उदाहरण

खास रपट नयी दिल्ली/ जहां एक ओर सोशल मीडिया से लेकर आम जीवन तक में सांप्रदायिक जहर फैलाया जा रहा है, वहां कुछ मन को

बात धर्म के मर्म को समझिए, पूण्य के फेर में जान मत गमाइए

अंबुज कुमार यदि अध्यात्म की बात की जाए तो गोस्वामी तुलसीदास ने भी कहा है, ‘‘कलियुग केवल नाम आधारा,,, सुमिरि सुमिरि जन उतरे पारा।’’ अर्थात,

अपने आप में अद्भुत है धर्म के प्रति सत्ता का भारतीय दृष्टिकोण

गौतम चौधरी भारत, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। वैसे दुनिया के अधिकतर देश लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात किए हुए है लेकिन भारत उन

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