देश-दुनिया : 9 जुलाई 2026 की दस बड़ी खबरें/ मानसून, महंगाई और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत

#वृतांतों की #यात्रा : #संन्यास बड़ा या #गृहस्थ? नयी दिल्ली/पटना/कोलकाता/रांची/ 9 जुलाई का दिन कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। एक ओर मानसून ने लगभग पूरे

समाचार माध्यम यानी मीडिया श्रेष्ठ दुनिया का आधार तो है ही

डॉ. मत्स्येन्द्र प्रभाकर आज का युग श्सूचना का युगश् है। इस युग में मीडिया केवल समाचार देने का माध्यम नहीं है। बल्कि यह जनमत निर्माण,

भारत : दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र या फिर सबसे बड़ा निर्वाचनी अधिनायकवाद?

गौतम चौधरी भारत लंबे समय से स्वयं को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में प्रस्तुत करता रहा है। यह दावा केवल उसकी जनसंख्या

इस्लाम : दुनिया का पहला धर्म जहां महिलाओं के अधिकारों का मुकम्मल दस्तावेजीकरण हुआ

गौतम चौधरी समकालीन विश्व में जब भी महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा या राजनीतिक भागीदारी की चर्चा होती है, तो अक्सर यह धारणा सामने आती है

डॉ. कार्ल मार्क्स : ‘‘दुनिया में ऐसी कोई समस्या नहीं होती जिसका भौतिक समाधान मौजूद न हो’’

सरदूल सिंह 5 मई 1818 को जर्मनी के त्रियेर शहर में जन्मे डॉ. कार्ल मार्क्स एक ऐसे महान दार्शनिक सिद्ध हुए जिनके विचारों ने न

दुनिया से सीख कर हम भी बदल सकते हैं देश में किसान और मजदूर के हालात

राजेश जैन हर वर्ष एक मई आती है, भाषण होते हैं, मंच सजते हैं, श्रमिकों और किसानों के सम्मान में संदेश दिए जाते हैं और

ईरानी विवाद पर/ दुनिया भर में अमेरिकी तख्ता पलट की कोशिशों का दागदार इतिहास

डेविड एल कई अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशों में अलोकप्रिय शासकों को हटाने के लिए पहले भी सैन्य बल भेज चुके हैं. ट्रैक रिकॉर्ड मिला जुला रहा

ध्रुवीकृत विश्व में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता : संतुलित कूटनीति का व्यावहारिक मॉडल

रजनी राणा आज के बढ़ते ध्रुवीकृत वैश्विक परिदृश्य में, जहाँ महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज होती जा रही है, भारत ने अपनी विदेश नीति के

“विरासत” केवल आयोजन नहीं, विश्व मानवता को आपस में जोड़ने वाला संस्कृतिक संगम है : राजीव कुमार सिंह

गौतम चौधरी विगत दिनों देहरादून प्रवास के दौरान “रीच” के संस्थापक और “विरासत” नामक सांस्कृत आयोजन के प्रमुख संचालक राजीव कुमार सिंह (अपनों के बीच

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