नयी दिल्ली/ भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सामरिक संबंधों के बीच शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से नयी दिल्ली में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान रूबियो ने प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका यात्रा का निमंत्रण भी दिया। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और नई प्रौद्योगिकियों को लेकर भारत-अमेरिका सहयोग लगातार गहराता दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री कोलकाता की संक्षिप्त यात्रा के बाद नई दिल्ली पहुँचे थे। राजधानी पहुंचने के कुछ ही समय बाद उन्होंने प्रधानमंत्री आवास पर मोदी से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने, उन्नत तकनीक के आदान-प्रदान तथा ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में व्यापारिक संबंधों को नई गति देने पर भी चर्चा हुई। हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ा है और दोनों देश सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा तथा डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात केवल द्विपक्षीय रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलते वैश्विक शक्ति-संतुलन के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विशेष रूप से चीन की बढ़ती सक्रियता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीतिक चुनौतियों के बीच वॉशिंगटन और नई दिल्ली के रिश्ते अधिक निकट आते दिख रहे हैं।
हालाँकि, दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद भी बने हुए हैं, जिनमें व्यापार शुल्क, रूस से भारत के संबंध और वैश्विक संघर्षों पर अलग-अलग दृष्टिकोण शामिल हैं। इसके बावजूद दोनों पक्षों ने यह संकेत दिया कि व्यापक रणनीतिक हित साझेदारी को आगे बढ़ाने में केंद्रीय भूमिका निभाते रहेंगे।
विश्लेषकों के अनुसार मार्को रूबियो की यह यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों को अगले चरण में ले जाने की कूटनीतिक कोशिश के रूप में देखी जा रही है, जहाँ सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ तकनीकी और आर्थिक साझेदारी भी प्रमुख आधार बनती जा रही है।
