जलवायु परिवर्तन : बारिश बढ़ रही है, फिर भी प्यासा क्यों है भारत?

गौतम चौधरी भारत इस समय एक ऐसे मौसमी विरोधाभास के बीच खड़ा है, जिसे पारंपरिक समझ से समझ पाना अब संभव नहीं रह गया है।

बारिश का बदलता मिज़ाज : झारखंड के कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है वर्षा का वार्षिक औसत

गौतम चौधरी झारखंड, विशेषकर रांची में हाल के दिनों में हो रही लगातार बारिश ने एक स्वाभाविक जिज्ञासा को जन्म दिया है, क्या यह केवल

पृथ्वी का संकट : वैज्ञानिक चेतना की आवश्यकता

जयसिंह रावत ब्रह्मांड की अनंत गहराइयों में पृथ्वी एकमात्र ऐसा ज्ञात ग्रह है जहाँ जीवन का अंकुर प्रस्फुटित हुआ। लगभग 4.5 अरब वर्षों के भूवैज्ञानिक

उल्लू : मिथक, मान्यताएँ और वास्तविकता

ललित नारायण उपाध्याय मानव समाज में कुछ प्रतीक ऐसे होते हैं, जो समय के साथ अपनी वास्तविक पहचान से अधिक धारणाओं और मान्यताओं के बोझ

चंबल : एक शापित नदी, जिसका अपना इतिहास भी है और भूगोल भी

गौतम चौधरी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं होतीं-वे स्मृतियों, आस्थाओं और कहानियों की वाहक होती हैं। उसका न केवल इतिहास होता है बल्कि भूगोल

विश्व आर्द्र भूमि दिवस 2 फरवरी/ जैव विविधता की समृद्धि का आधार है आर्द्रभूमि

प्रमोद दीक्षित मलय प्रकृति जीवों-पादपों की पोषक है, सांसों का स्पंदन है। प्रकृति की रचना में जीवन का सौंदर्य एवं लास्य नर्तन है। ऊंचे उठे

जल-जंगल-जमीन : हमारे अस्तित्व की अंतिम लड़ाई

शम्भू शरण सत्यार्थी मनुष्य ने जब पहली बार धरती का सीना चीरकर खेती शुरू की, जब उसने बीज बोकर जीवन को सम्भालना सीखा. उसने पेड़ों

तो बारिश ने उजागर कर दी “स्मार्ट सिटी” की हक़ीकत

आशु अभी हाल में उत्तर भारत में हुई तेज़ बारिश ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन के सारे दावों की पोल खोल दी। दिल्ली,

भूगोल/ क्या आप जानते हैं, कब और कैसे बनी हमारी पृथ्वी की ऊपरी सतह?

गौतम चौधरी  पृथ्वी पर समुद्र से जमीन का उभरना एक जटिल और लंबी भूवैज्ञानिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जो अरबों वर्षों में संपन्न हुई है।

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