डॉ. शैलेश शुक्ला विश्व भर में पर्यटन उद्योग तेजी से बदल रहा है। आधुनिक यात्री अब केवल भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों, चमकदार होटलों और कृत्रिम
Category: Nature
सिंधु घाटी : दम घोंटती धूल और धुआं, गायब होते ग्लेशियर
जयसिंह रावत आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) के पावन अवसर पर शुरू हुई विख्यात अमरनाथ यात्रा इस समय अपने चरम पर है लेकिन यात्रा के पहले
कैच द रेन : जल संरक्षण की वह तकनीक जिससे भविष्य सुरक्षित रहेगा
डॉ. नीरज भारद्वाज भारतीय ज्ञान परंपरा विशाल, विस्तृत और व्यापक है। हमारी ज्ञान परंपरा में श्रृष्टि का हर एक अंग समाहित है। दिन-रात के हर
पर्यावरण चिंतन : ‘एक पेड़ माँ के नाम’
डॉ. नीरज भारद्वाज साहित्यकार का दायित्वबोध बहुत व्यापक होता है। साहित्यकार अपनी कलम से अपने समय का वर्णन शब्दमाला के माध्यम से करता है। साहित्यकार
देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरें
मानसून और कृषि संकट की आशंका यह केवल मौसम की खबर नहीं है। भारत की लगभग आधी कृषि आज भी वर्षा पर निर्भर है। यदि
जलवायु संकट और कृषि का भविष्य : क्या BRICS देश खाद्य सुरक्षा का नया मॉडल गढ़ सकते हैं?
गौतम चौधरी इक्कीसवीं सदी की सबसे बड़ी चुनौतियों में यदि दो विषयों को एक साथ रखा जाए तो वे हैं—जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा। दुनिया
अनगढ़, अव्यवस्थित और गैरजवाबदेह भीड़ को पहाड़ की पीड़ सुननी ही पड़ेगी
राकेश सैन साल 1992 में पंजाब के सीमांत कस्बे अबोहर के डीएवी कालेज से हम पांच विद्यार्थी हिमाचल प्रदेश के मकलोडगंज के लिए साइकिल यात्रा
अल नीनो ने रोकी प्रवासी परिन्दों की उड़ान
राजेश खण्डेलवाल राजस्थान सहित पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में है, वहीं सामान्यतरू अप्रेल तक अपने प्रजनन स्थलों के लिए लौटने वाले प्रवासी
हिमालय पर कालिख और पिघलते ग्लेशियर
जयसिंह रावत वैश्विक मंचों पर जब भी जलवायु परिवर्तन की गंभीर चिंताएं जताई जाती हैं तो हमारा ध्यान अक्सर औद्योगिक देशों और ग्रीनहाउस गैसों के
अरावली की नई परिभाषा पर होगा पुनर्विचार, SC ने गठित की विशेषज्ञ समिति
नयी दिल्ली/ देश की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक अरावली की वास्तविक सीमा और परिभाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच उच्चतम न्यायालय
